अखिल भारतीय गाेंड महासभा के जिला इकाई के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचा। जहां गोंड जाति के लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र दिए जाने को लेकर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट मनोज कुमार पांडेय को ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर महासभा के जिला उपाध्यक्ष हरेंद्र गाेंड ने कहा कि हम लोगों के सभी अभिलेखों में जाति के स्थान पर गोंड जाति अंकित है। गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति के रूप में वर्ष 2003 शासन के आदेश पर शामिल किया गया था। बावजूद इसके जिला के सभी तहसीलों में गोंड विरादरी के लोगों को एसटी का प्रमाण पत्र जारी करने में हिलाहवाली किया जाता है। इस मौके पर हरिहर गोंड, ददन गोंड, विकाउ गोंड, हीरा, ओमप्रकाश, मुरलीधर, सत्यनारायण, रघुनाथ, अशोक, धर्मेंद्र, गुप्तेश्वर, कन्हैया प्रसाद, रमाकांत, मुन्ना, डा. दीनानाथ आदि लोग मौजूद रहे।
वहीं बैरिया संवाददाता के अनुसार गोंड जाती के लोगो ने तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान द्वारा गोंड जाती के लोगों को अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी नहीं करने का आरोप लगाया। शुक्रवार को गोंड बीरादरी के लोगों ने भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष तारकेश्वर गोंड के नेतृत्व में विधायक सुरेंद्र सिंह को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा और उन्हें बताया कि पूरे प्रदेश में गोंड जाति के लिए अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी हो रहा है, जबकि बैरिया में ऐसा नहीं हो रहा है।
विधायक ने एसडीएम बैरिया व तहसीलदार बैरिया को तत्काल बैरिया डाकबंगला में बुलाया और पूछा कि ऐसा क्यों हो रहा है, तब तहसीलदार ने कहा कि जनपद में अगर कहीं भी अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी होगा तो यहां भी जारी किया जाएगा। मौके पर उपस्थित एसडीएम राधेश्याम पाठक ने विधायक को आश्वस्त किया कि बैरिया से भी गोंड समाज के लोगों को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण जारी किया जाएगा।