यूपी के बलिया में हीट स्ट्रोक का कहर
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आज सुबह से भी भी इमरजेंसी में दस्त, उल्टी आदि लक्षणों वाले मरीज आ रहे थे। अधिकतर को रेफर किया जा रहा था। मौतें भी हो रही हैं। शनिवार रात से अब तक करीब छह लोगों की मौत की सूचना है। हालांकि अस्पताल से अभी आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि लू की वजह से ही मौतें हुई हैं। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सामने आ सकेगी।
हालात को नियंत्रित करने के लिए चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई हैं। सीएचसी पीएचसी से लगायत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय हो गए हैं। इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ देखते हुए अतिरिक्त बेडों की संख्या बढ़ा दी गई। जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला अस्पताल प्रशासन ने 15 बेड का स्पेशल वार्ड खोला है। जिला अस्पताल में भर्ती होने के लिए आने वाले अधिकतर मरीजों की उम्र 60 से ऊपर है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तेज बुखार, उल्टी, दस्त, सांस व ह्रदयघात की समस्या ज्यादा है।
लू की वजह से मौतों पर बयान देना जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिवाकर सिंह को भारी पड़ा है। शासन ने मामले का संज्ञान लिया और उन्हें पद से हटा दिया। अब उन्हें आजमगढ़ मंडल बना जेडी बनाया गया है। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. एके यादव को प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आजमगढ़ मंडल के अपर निदेशक डॉ. ओपी तिवारी शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे और डॉ. एके यादव को कार्यभार ग्रहण कराया। इसकी खबर लगते ही अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारियों में खलबली मच गई। डॉ. एसके यादव ने चार्ज लेने के बाद ईएमओ व फिजिशियन डॉक्टरों की आपात बैठक कर जिम्मेदारी भी सौंपी।