सबिता ने बताया कि परिजन एएनएम कक्ष का दरवाजा खटखटा रहे थे। अंदर से किसी ने परिजनों को फटकार लगा कर भगा दिया। कहने को तो अस्पताल के सरकारी आवास में तीन चिकित्सक मौजूद थे। मौके पर एक भी चिकित्सक उपलब्ध नहीं था।
साथ में घर से गई महिला ने किसी तरह फर्श पर कराहती प्रसूता की मदद की, लेकिन फर्श पर ही प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद सूचना पर एएनएम और डा. व्यास मौके पर पहुंचे और प्रसूता का इलाज किया। सबिता ने बताया की एएनएम ने नवजात बच्ची को दो इंजेक्शन लगाकर हमें घर जाने को कह दिया।सविता देवी ने बताया कि अस्पताल में एएनएम के अलावा कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं था। एएनएम भी डिलेवरी होने के बाद पहुंची थी।
डर से नहीं रहते अस्पताल में
इस बाबत एएनएम कंचन देवी ने बताया कि अस्पताल में दो एनएएम की तैनाती है। अस्पताल में न गार्ड की व्यवस्था है और न दाई और न सफाई कर्मी की। इसलिए हम लोग रात्रि में नहीं रहते हैं। अपने कमरे पर चले जाते हैं। जरूरत पर आ जाते हैं। महिला के डिलिवरी होते ही हम और डॉ. व्यास पहुंच गए थे और महिला का इलाज किया गया।
एंबुलेंस चालक पर फोड़ा ठीकरा
वहीं, डाॅ. व्यास ने कहा कि दर्ज से कराह रही महिला को एम्बुलेंस चालक सीढ़ियों तक छोड़ कर चला गया। ऊपर डिलेवरी रूम बना है, वहां तक छोड़ना चाहिए। डा. ब्यास ने कहा कि जच्चा-बच्चा सुरक्षित हैं। सबिता देवी ने बताया कि पहले से दो बच्चियां हैं।
शुक्रवार की भोर में चार बजे अस्पताल के फर्श पर तीसरी बच्ची का जन्म हुआ है। वहीं, सूचना पाकर पूर्व सांसद भरत सिंह की पुत्री विजयलक्ष्मी ने आक्रोश व्यक्त किया। अस्पताल पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। सीएमओ को मौके पर बुलाने और कार्रवाई की मांग पर अड़ गईं। कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक हम धरने पर बैठेंगे।