बलिया। स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स के बाद फार्मासिस्ट की फर्जी नियुक्ति का मामला आया है। वाराणसी में तैनात फार्मासिस्ट के नाम से बलिया के फेफना में तैनात फार्मासिस्ट के वेतन उठाने पर स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने सीएमओ को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने 20 सितंबर को जारी पत्र में कहा कि 18 अप्रैल 2016 को सीएमओ के अधीन रामप्रताप सिंह की फार्मासिस्ट के पद पर नियुक्ति की गई थी। वरिष्ठ कोषाधिकारी बलिया द्वारा अवगत कराया गया है कि महालेखाकार कार्यालय द्वारा ई-निरीक्षण में रामप्रताप सिंह फार्मासिस्ट का डाटा डीडीओ पोर्टल पर एक समान नाम, पिता का नाम एवं जन्म तिथि वाले कार्मिक का वेतन भुगतान किया जा रहा है। अप्रैल में फार्मासिस्ट सेवा नियमावली-1980 के अनुसार इनके नियुक्ति प्राधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी/ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को समस्त अभिलेखों का परीक्षण करते हुए नियुक्ति आदेश जारी किए जाने के निर्देश दिए गए थे। पत्र के साथ संलग्न सूची के क्रमांक 87 पर रामप्रताप सिंह निवासी राजूपुर, पोस्ट पचेगंड़ा चुनार, मिर्जापुर एवं तैनाती मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी अंकित है। जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया के पत्र में वर्णित रामप्रताप सिंह निवासी अमरा खैरा चक, पोस्ट-कन्दवा, वाराणसी अंकित है। जांच में रामप्रताप सिंह, फार्मासिस्ट अधीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया को कूटरचित तरीके से नियुक्त दिखाया गया। ऐसी स्थिति में सीएमओ को रामप्रताप सिंह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया। इस बाबत सीएमओ संजीव वर्मन ने बताया कि बुधवार को मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर भेजी जाएगी। अन्य लोगों की पत्रावलियों की जांच पड़ताल की जाएगी।