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Ballia News: अध्यक्ष तो बन गए, बोर्ड में नहीं मिला बहुमत, कैसे चलाएंगे शहर की सरकार

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बलिया। नगर पालिका परिषद बलिया में अध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा ने और रसड़ा में बसपा ने कब्जा किया है। दोनों जगहों पर किसी को बोर्ड में बहुमत नहीं मिला है। इसमें बलिया में भाजपा बहुमत से करीब छह की संख्या कम है। जबकि रसड़ा में सदन में अध्यक्ष के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाला उनकी पार्टी का कोई सभासद नहीं है। इसका असर सदन में आए बजट और अन्य प्रस्तावों के पारित करने पर पड़ेगा।
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नगर पालिका परिषद बलिया के अध्यक्ष पद पर भाजपा के संत कुमार उर्फ मिठाई लाल विजयी हुए हैं। वहीं, 25 वार्डों में निर्दलीयों की संख्या अधिक है। इसमें निर्दलीयों की संख्या 15 है। जबकि भाजपा के आठ, सपा के दो के सभासद विजयी हुए हैं। बहुमत के लिए 14 सभासदों का होना जरूरी है। नगर पालिका का सालाना बजट 100
करोड़ से अधिक का हैं। इस धन से शहर में विकास कार्य कराए जाते हैं।
अध्यक्ष को बोर्ड की बैठक में हंगामा का सामना करना पड़ेगा। वहीं, विकास कार्य के लिए बजट पास कराने में भी परेशानी होगी। नगर पालिका रसड़ा में 25 वार्डों में से 23 पर निर्दलीय का कब्जा और एक-एक सीट पर भाजपा और बसपा के खाते में है। जबकि एक भी सीट पर बसपा का सभासद जीत हासिल नहीं कर सका है। इस कारण सदन में विरोधियों का दबदबा रहेगा। इससे निपटने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष को निर्दलीय सभासदों को अपने पाले में लाकर बहुमत रखना होगा।
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नगर पालिका परिषद बोर्ड के चुनाव में जो सदस्य जीत कर आए हैं, वे सभी मेरे परिवार के हैं। हम सभी मिलकर विकास के वाहक बनेंगे। इसी उद्देश्य के साथ सभी मिलकर काम करेंगे।
- संत कुमार उर्फ मिठाई लाल, नवनिर्वाचित अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, बलिया।

नगर पालिका बोर्ड के लिए सभी का सहयोग हमें प्राप्त होगा। विकास के नाम पर दलगत भावना से ऊपर उठकर काम किया जाएगा। इसके लिए सभी सभासद एकजुट होकर रहेंगे। सभी वार्डों का विकास किया जाएगा। कोई कठिनाई नहीं होगी। - विनयशंकर जायसवाल, नगर पालिका, रसड़ा।

सभासद के तौर पर वार्ड का विकास प्राथमिकता होगी। इसके लिए सदन को चलाने में पूरा सहयोग किया जाएगा। -सुमित मिश्रा गोलू , सभासद, वार्ड नं.15

मैं दूसरी बार सभासद का पद मिला है। अब तक कोई इस वार्ड में लगातार दोबारा सभासद नहीं हुआ है। अध्यक्ष किसी भी दल का हो, विकास के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर गलत होगा तो विरोध करूंगा, अगर सही होगा तो सदन में समर्थन करुंगा। - अमित दूबे, सभासद, वार्ड नं.-12

बहुमत न होने का असर बोर्ड की बैठक में पड़ता है। नियम और बजट पास करने के दौरान दो तिहाई बहुमत होना चाहिए। जब किसी अध्यक्ष के पास उसके दल के सभासद नहीं होते हैं तो दबाव झेलना पड़ता है। - लक्ष्मण गुप्ता,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बलिया
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