स्थानीय रेल लाईन के दक्षिण स्थित काली मिट्टी के विभिन्न मौजा के खेतों में व्यापक पैमाने पर बरसाती पानी के जमाव के चलते हजारों एकड़ धान की फसल चौपट होने की स्थिति में है। इसके पूर्व इस विशाल भूखंड पर इसी सत्र की बोई गयी सैकड़ों बीघा मक्का की फसल बर्बाद हो चुकी है। संबंधित किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
बांसडीह रोड के बोहा, सहतवार के दक्षिणी क्षेत्र, डुमरिया, खानपुर, मुड़ाडीहआदि क्षेत्रों का बरसाती पानी ढल कर रेवती रेल लाइन के दक्षिणी क्षेत्र के खेतों में आकर जमता है। यह पानी गायघाट के कामता मौजा के पास स्थित ईंट भठ्ठा से लेकर पूरब में रेवती पचरुखिया मार्ग तक तथा गायघाट-नवाबारा मार्ग से दक्षिण में कंचनपुर बेलहरी गांव के बीच तक स्थित काली मिट्टी के उपजाऊ खेतों में जमा होता है।
इस व्यापक वर्गाकार भू खंड पर कामता, रमौली, घघरौली, विषुनपुरा, खदरा, अराजी माफ़ी विषुनपुरा आदि मौजा के हजारों एकड़ खेत हैं। इनमें किसान इस सत्र में ऊंची भूमि पर मक्का और छिछली पर धान बोये थे। इस बार विगत एक माह से हजारों एकड़ खेतों में बरसाती पानी लगा है।
इसके कारण सैकड़ों एकड़ मक्का के खड़ी फसल का भारी नुकसान उठा कर किसान पुन: हुई बरसात ने हजारों एकड़ के धान-कृषकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। गायघाट के किसान कृष्णा सिंह, हरेंद्र सिंह, रीगन सिंह, रेवती के श्रीकांत पांडेय, प्रवीण ओझा, राजेश पांडेय, चांद देव यादव, रमाशंकर यादव, राम प्रकाश, शिव कुमार, ददन, वीरन यादव आदि ने प्रशासन से मांग की है कि यथाशीघ्र यदि पुलिया के पास की रुकावट का समाधान नहीं किया गया तो किसान धरने पर बैठेंगे।