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शुल्क के नाम पर बंद हो छात्रों का उत्पीड़न

Fri, 15 Dec 2017 10:57 PM IST
ballia
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निजी विद्यालयों को फीस का 15 फीसदी विद्यालय के विकास और नए भवन के निर्माण के लिए छूट नहीं देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता मनोज राय हंस अधिवक्ता साथियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान डीएम के प्रतिनिधि को डिप्टी सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की गई है कि पाठ्यक्रम, यूनीफार्म सहित विभिन्न प्रकार शुल्क के नाम पर छात्रों का उत्पीड़न बंद किया जाए।
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सूबे के मुख्यमंत्री द्वारा स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क का विनियमन विधेयक 2017 के लिए जिले के आरटीआई कार्यकर्ता ने कई बिंदुओं पर सुझाव प्रेषित करते हुए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को पत्र लिखा है। जिसकी प्रतिलिपी जिलाधिकारी के माध्यम से शुक्रवार को भेजा गया। विकास शुल्क के नाम निजी विद्यालयों द्वारा 15 फीसदी वसूली के लिए छूट देने पर एतराज जताते हुए पत्र में कहा गया है कि विद्यालय कोई समाजसेवा नहीं कर रहा है। ऐसे में इस प्रकार की कोई छूट उन्हें नहीं मिलनी चाहिए। पाठ्यक्रम के नाम पर तरह-तरह की निजी प्रकाशन की पुस्तके लगाकर हर साल छात्रों से की जा रही लूट बंद होनी चाहिए। दो से अधिक यूनिफार्म किसी भी हालत में न लगाया जाए। शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत 25 फीसदी सीटों पर अनिवार्य रुप से गरीबों को शिक्षा दी जाए। सुरक्षा के नाम पर सीसीटीवी कैमरा तथा आग बुझाने की यंत्र अनिवार्य रुप से लगाया जाए। प्रत्येक परीक्षा के बाद छात्रों की टेस्ट कापी उनके अभिभावकों को दिखाई जाए।

निजी विद्यालयों में काम करने वाले शिक्षक तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का ईपीएफ कटौती हर हाल में किया जाए। इस मौके पर सोनू प्रसाद गुप्ता, सुनील पांडेय, चंद्रमणि राय, जयप्रकाश मौर्य, नरेंद्र सागर गुप्ता, देवेंद्र यादव, सुरजीत बहादुर सिंह, पंकज श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित रहे।
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