हनुमानगंज क्षेत्र के गोठवली गांव में मंगलवार को बगैर अनुमति के महावीरी झंडा जुलूस निकालने से माहौल तनाव पूर्ण हो गया। पुलिस प्रशासन ने जुलूस को रोकने का प्रयास किया। आखिरकार दिनभर चली जद्दोजहद के बाद जिला प्रशासन नरम पड़ा और महावीरी झंडा जुलूस निकला।
परंपरा के अनुसार हर साल की तरह इस साल भी महावीरी झंडा जुलूस गोठवली बाजार से निकालने की तैयारी गांव के नौजवान कर रहे थे। इसी बीच अचानक बांसडीहरोड थाने की पुलिस आ धमकी और जुलूस नहीं निकालने की हिदायत दी। इसपर बजरंगी भक्त आग बबूला हो गए।
यह खबर क्षेत्र में फैलते देर नहीं लगी। खबर मिलते ही लगभग आधा दर्जन गांव जीराबस्ती, परिखरा, इसरपुरा, गोठवली, तीखमपुर आदि गांव के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच और प्रशासन का विरोध शुरू कर दिया। मौके पर सदर एसडीएम बच्चलाल मौर्य, शहर कोतवाल संदीप सिंह, बांसडीह कोतवाल वशिष्ठ नारायण दूबे, बांसडीहरोड एसओ विनीत राय मय फोर्स मौके पर पहुंच गए।
लेकिन बजरंग भक्तों का उग्र रूप देखकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन नरम पड़ा और आयोजक टीम के अघंजनी चौबे शिबू, सुरेंद्र सिंह, संतोष पाठक, संतोष सिंह, राजू मिश्र, लकरू मिश्र, नागेंद्र पांडेय, अरूण सिंह बंटू, छोटू राय, अवनीश राय से घंटों वार्ता के बाद आखिर प्रशासन ने जुलूस निकालने की अनुमति दी। इसके जय हनुमानघोष के साथ जुलूस नगर भ्रमण करते हुए अखाड़े तक पहुंचा। जुलूस में शिव कुमार चौबे, शैलेश चौबे, नन्ने चौबे विजंन्द्र चौबे, उमेश मिश्रा आदि रहे।