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भृगुनगरी में उल्लास के साथ मना गुरु की महत्ता का महापर्व

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चितबड़ागांव कस्बा स्थरात महावद्यिलय आयोजित विहंगम योग समारोह एवं गुरू पूर्णिमा पर संत प्रवर वि? - फोटो : BALLIA
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बलिया। भृगुनगरी में बुधवार गुरुओं के नाम रहा। गुरु के दर पर शिष्यों की भीड़ उमड़ पड़ी। उनकी महिमा का गान किया। भोर से ही गंगा व सरयू में डुबकी लगाने के लिए घाटों पर भीड़ लग गई। शिष्य स्नान करके मठ-मंदिरों में पहुंचे और परम लक्ष्य के पथ प्रदर्शकों का पूजन किया। गुरु के चरणों में श्रद्धा निवेदित करने का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।
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आध्यात्मिक चिंतन संस्थान के मिश्र नेवरी स्थित कार्यालय पर गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवारी के नेतृत्व में संत त्रिदंडी स्वामी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण तथा आरती की गई। डॉ. हरेंद्र यादव, कन्हैया मिश्र, शुभम पाठ, ददन यादव, अजयपाल सिंह यादव, विकास यादव, अनुराग, विजयशंकर राय, दिनेश राय आदि मौजूद रहे।
चितबड़ागांव में विहंगम योग संस्थान के विज्ञानदेव महाराज ने श्री जमुनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय विहंगम योग समारोह की शुरुआत ध्वजा फहराकर, दीप जलाकर की। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रकाश से ही मनुष्य का जीवन विकसित होता है। इस मौके पर 1101 कुंडीय वैदिक महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। ज्ञान की दीक्षा दी गई। योग, आयुर्वेद, होमियोपैथ, पञ्चगव्य शिविर लगाया गया।
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दयाछपरा मठिया के संत बालक दास ने कहा कि जैसे ज्ञान के बिना मोक्ष नहीं हो सकता, उसी तरह सद्गुरु से संबंध बनाएं बिना ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकतीं। बाला जी पांडेय, विनोद सिंह, सूर्यप्रकाश सिंह, बिना देवि, सरस्वती देवि, विश्वंभर नाथ पांडेय, श्रीकांत दादा, मुनु, चंदन गुप्ता ने गुरुपूजा की। ब्रम्हलीन परमहंस वेदांती जी महाराज के प्रसाद छपरा स्थित आश्रम पर गुरुपूर्णिमा पर सुंदरकांड का पाठ किया। बाबा की समाधि स्थल पर चादर चढ़ाई गई। भंडारे का आयोजन किया गया। दीपू सिंह, विवेक सिंह, शंकर प्रजापति, कमलेश यादव, नागेंद्र तिवारी, जयशंकर सिंह, राणा सिंह ,ताड़केस्वर तिवारी, अमर तिवारी ने गुरु पूजा की।
चिलकहर के आदि श्री शिव शक्ति चारों धाम मंदिर आश्रम में स्वामी परमेश्वरानंद सरस्वती महाराज उड़िया बाबा के यहां सुबह से ही गुरु पूजा करने वालों का तांता लगा गया। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारा चलता रहा। आशीर्वचन में उड़िया बाबा ने कहा कि गुरु के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। मोती जी, हरे राम दुबे, अंजनी गुप्ता ने भजन गायन किया। महंत विशुद्धानंद जी महाराज, राम ध्यान, शमशेर सिंह, प्रदीप सिंह, मोहन गुप्ता, सौरभ श्रीवास्तव, अशोक गुप्ता, संतोष गुप्ता, लल्लन यादव, राजकुमार मिश्रा, हरेराम दुबे, ललन सिंह, कृष्ण कुमार पाठक, झूलन भैया ने व्यवस्था संभाली।
दुबहर क्षेत्र के नगवा गांव में स्थित त्रिदंडी देव धाम पर अखंड रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया। शिवजी पाठक, जवाहरलाल पाठक ,भगवती शरण पाठक, राकेश पाठक, विष्णु देव यादव ,गणेश यादव, सरल पासवान, बब्बन पाठक, गिरधर पाठक, वीर यादव, दिनेश पाठक, बॉली यादव, रामकृपाल पांडे, यज्ञ किशोर पाठक, अवध किशोर पाठक ने गुरु की आरती उतारी।
इंद्रियों को स्वतंत्र छोड़ना पतन का कारक: जियर स्वामी
दुबहड़। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिवपुर दियर स्थित यज्ञस्थल पर जियर स्वामी के दर्शन के लिए दिन भर शिष्यों की भीड़ लगी रही। बिहार, झारखंड और प्रदेश के विभिन्न जनपदों से काफी संख्या में शिष्य पहुंचे। जियर महाराज ने कहा कि जीव हत्या नहीं करनी चाहिए। किसी को कष्ट नहीं देना चाहिए। किसी भी जीव को मारकर खाना अपराध है। उन्होंने भागवत कथा के प्रसंग में इंद्रियों के निग्रह की चर्चा की। कहा कि इंद्रियों को स्वतंत्र छोड़ देना पतन का कारक होता है। जो धर्म की रक्षा करता है, उसकी रक्षा धर्म करता है। इसलिए धर्म का परित्याग नहीं करना चाहिए।

गुरू पूर्णिमा पर चिलकहर क्षेत्र योगीडीह बुढऊ गांव में अपने शिष्यों को आर्शीवचन देते स्वामी परमे- फोटो : BALLIA

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