नगर के एक होटल में राज्य कर्मचारियों को संबोधित करते प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में नगर के एक निजी होटल में राज्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों की बैठक बुधवार को हुई। जिसमें कर्मचारियों एवं शिक्षकों के बेहतरी सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि आज शासन-प्रशासन तथा सत्ता में बैठे लोगों की संवेदनाएं मर गई है। वहीं सरकार के मूल्यों में गिरावट आई है। जहां पहले काली पट्टी बांध कर विरोध करने पर सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को गंभीरता से ले लेती थी। वहीं वर्तमान सरकार कर्मचारियों के कड़े प्रतिरोध बावजूद भी पावनाओं के भुगतान के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने हम लोगों के पावनाओं के लिए जो समझौता किया है, उसे मानना होगा। सरकार ने अगर वादाखिलाफी की तो उसे गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ेंगे। कर्मचारी 10 से 12 तक होने वाले महाहड़ताल में प्रदेश सरकार को घुटने टेकने पर विवश कर देंगे। फिर भी प्रदेश सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है तो बेमियादी हड़ताल करेंगे।
संघ की जिलाध्यक्ष सत्या सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की हठवादिता के चलते हम कर्मचारी आंदोलन पर जाने को विवश है। वेदप्रकाश पांडेय, अरविंद सिंह, अरुण सिंह, रमावती पांडेय, धीरज राय, डा. घनश्याम चौबे, ब्रह्मचारीआदि लोग मौजूद रहे। संचालन जिलामंत्री बृजेश सिंह ने किया।