बलिया। शासन ने जिले में 18 स्थानों पर नई उपकृषि उत्पादन मंडी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें आठ उपमंडियां बलिया, छह रसड़ा, तीन बेल्थरारोड और एक उपकृषिमंडी चितबड़ागांव परिक्षेत्र के अंतर्गत है। इसके पूर्व जिले में जिले में चार मंडिया संचालित थी, जिनमें बलिया, बेल्थरारोड, रसड़ा और चितबड़ागांव कृषि मंडी शामिल हैं। नई उप मंडियों के बनने से किसानों को उपने उत्पाद बेचने में जहां सहूलियत होगी, वहीं स्थानीय स्तर पर एक बाजार भी तैयार होगा। जिससे गांवों में व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उपकृषि मंडी बनाए जाने के संबंध में बीते 16 दिसंबर को शासन के कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार अनुभाग ने अधिसूचना कर घोषणा की है। शासन ने पूर्व में मंडी सचिव बलिया से इस संबंध में विवरण मांगा था। जिसके बाद मंडी सचिव ने बीते अक्तूबर माह में इस संबंध में पत्र लिखा था। जिस पर कैबिनेट की मुहर के बाद शासन ने जिले में 18 नए स्थानों को उप कृषि मंडी के तौर पर विकसित करने की मंजूरी दे दी है। जिन नए स्थानों पर उपमंडी स्थल बनाने की शासन की ओर से स्वीकृति मिली है, उनमें बलिया मंडी परिक्षेत्र के जगदीशपुर, गड़वार, सुल्तानपुर, हथौज, रामपुर, बिसौली, सोनवानी और रामपुर टिटिही (बसरिकापुर) शामिल है। इसके अलावा रसड़ा कृषि मंडी परिक्षेत्र के मुड़ेरा, बर्रेबोझ, सरायभारती, इंदरपुर, पहसा मोहिउद्दीनपुर, पहदेवाजीत को शामिल किया गया है। जबकि बेल्थरारोड कृषि मंडी परिक्षेत्र में बहुताचक, एकईल, ईसारपीथापट्टी और चितबड़ागांव मंडी समिति परिक्षेत्र में चौरा कथरिया गांव में उप कृषि उत्पादन मंडी बनाने को सरकार ने हरी झंडी दी है।
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कारोबार करने पर देना होगा शुल्क
केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानूनों को रद्द किए जाने के बाद सरकार ने प्रदेश भर में फिर से मंडी शुल्क लागू कर दिया है। अब मंडी समिति परिसर के बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी पहले की तरह डेढ़ फीसदी शुल्क देना होगा। इसमें एक प्रतिशत मंडी शुल्क और आधा प्रतिशत विकास सेस होगा। यह व्यवस्था अस्तित्व में आने वाली 18 उप मंडियों पर भी लागू होगा। यह जानकारी कृषि उत्पादन मंडी समिति तीखमपुर के सचिव अजय प्रताप सिंह ने दी।
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कृषि उत्पादन मंडी समिति तीखमपुर के सचिव अजय प्रताप सिंह ने बताया कि उपमंडियों को पीपीई माडल पर संचालित किया जाएगा। यानि कि जो शुल्क से आय होगी, उसमें 75 फीसद मंडी समिति को और 25 प्रतिशत संबधित ग्राम प्रधान अथवा जिसकी भूमि पर उप मंडी बनेगी, उसको दिया जाएगा। सरकार उप मंडियों को बना कर संचालित करेगी। केवल मेंटनेंस की जिम्मेदारी संबधित की होगी।
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जिले में उप कृषि मंडियों को बनाने के लिए अक्तूबर माह में शासन को पत्र लिखा गया था। जिस पर कारवाई करते हुए शासन ने 18 उपकृषि मंडियों को बनाने की मंजूरी दी है।
- अजय प्रताप सिंह, सचिव, कृषि उत्पादन मंडी समिति, तीखमपुर, बलिया।
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