बलिया। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत योजना के कुछ ऐसे लाभार्थी हैं जिनका किसी कारणवश अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया है। ऐसे लोग प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का पत्र और राशन कार्ड दिखाकर योजना का लाभ ले सकते हैं। यह जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ प्रीतम कुमार मिश्रा ने दी।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि वर्ष 2011 की सामाजिक - आर्थिक जनगणना के तहत कुछ निर्धारित मानकों के अनुसार इस योजना में चयनित परिवारों या व्यक्तियों को पांच लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज का प्रावधान किया गया है। जनपद में कुछ लाभार्थी ऐसे भी है जिनका नाम आयुष्मान भारत योजना की सूची में अंकित है, लेकिन इसकी जानकारी संबंधित व्यक्तियों एवं परिवार वालों को नहीं है और इस कारण से अपना गोल्डन कार्ड नहीं बनवा सके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना की जिला कार्यान्वयन इकाई, जनपदवासियों, बुद्धिजीवियों, समाज सेवियों से जनसमुदाय में जागरुकता पैदा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज में स्थित ग्रामीण अंचलों से राजकीय / निजी अस्पताल एवं प्राथमिक/ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार के लिए आने वाले संबंधित मरीज अपना आधार कार्ड एव राशन कार्ड साथ में लेकर पहुंचना सुनिश्चित करें। इससे यह पता लगाया जा सके कि उनका नाम आयुष्मान भारत योजना में शामिल है अथवा नहीं। जनपद में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 1.16 लाख गोल्डेन कार्ड बन चुके हैं। अब तक 3000 से ज्यादा लाभार्थी इस योजना के तहत इलाज करा चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना के जिला शिकायत निवारण प्रबंधक अनुपम सिंह ने बताया सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के केवल चयनित लाभार्थियों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा अभी नए नाम जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है। लाभार्थी अपने साथ प्रधानमंत्री/ मुख्यमंत्री द्वारा प्राप्त पत्र, राशन कार्ड एवं आधार कार्ड जरूर लेकर पहुंचें। गोल्डन कार्ड जन सेवा केंद्र में 30 रुपये और जिला पुरुष एवं महिला चिकित्सालय, चयनित सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नि:शुल्क बनाए जा रहे हैं ।