बलिया। शारदीय नवरात्र के सप्तमी को पंडालों में आदि शक्ति की प्रतिमाएं विधि विधान से स्थापित हो जाएगी। उसके बाद भक्तों को दर्शन के लिए खुल जाएगा। इस बार शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पंडालों को बेहतर व आकर्षक समितियों ने बनाया है, जिससे पंडाल भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे। भक्तों को माता रानी के दर्शन के लिए त्रिकूटा पर्वत माला से होकर जाना पड़ेगा। वहीं कुछ जगहों पर कैलाश पर्वत को श्री जगन्नाथ पुरी धाम मंदिर में माता रानी विराजमान होंगी। पंडालों को आकर्षक रूप देने में शुक्रवार की देर रात तक कारीगर अंतिम रूप देने में लगे रहे। वहीं, पंडालों के अत्याधुनिक लाइटों से सजाया जा रहा है।
गोठहुली में त्रिकूटा पहाड़ी में विराजेंगी मां, हरियाली का दिया जाएगा संदेश
शहर से सटे गोठहुली गांव में त्रिकुटा पहाड़ी में माता रानी का दर्शन होगा। इसके लिए भक्तों को पहाड़ के अंदर से जाना होगा। वहीं पहाड़ी की शिखर पर बाबा भोलेनाथ विराजमान रहेंगे। इनके दर्शन व पूजन के लिए पहाड़ पर चढ़ने के लिए बनाया गया है। पहाड़ पर हरियाली की व्यवस्था की गई है। समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार दीपू ने बताया कि भीड़ को देखते हुए एक बार 20 लोगों को पहाड़ पर चढ़ने की अनुमति होगी। इस पूरे पंडाल को तैयार करने में करीब 15 लाख रुपये खर्च हो जाते हैं।
गांधी नगर में श्री जगन्नाथ मंदिर में स्थापित होंगी मां
शहर के गांधी नगर में श्री जगन्नाथ मंदिर के स्वरूप में निर्मित पंडाल में माता रानी स्थापित होगी। लगभग 20 फीट ऊंचा मंदिर के स्वरूप का पंडाल बनाया गया है। इसमें माता रानी के दिव्य दर्शन पूजन होंगे। इसके लिए करीब एक माह पहले से कारीगर काम कर रहे हैं। अब फाइनल टच दिए हैं। समिति के अध्यक्ष विकास गुप्ता ने बताया कि पंडाल को श्री जगन्नाथ धाम मंदिर का स्वरूप उतारने का पूरा प्रयास किया गया है। आदि शक्ति मां के दर्शन करने वालों को बाहर से ही श्री जगन्नाथ धाम मंदिर का दर्शन होगा।
जापलिनगंज कैलाश पर्वत की गुफा में होगा मां का दर्शन
शहर के जापलिनगंज में इस बार कैलाश पर्वत की गुफा में भक्तों को माता रानी का दर्शन होगा। इसके लिए करीब दो माह से तैयार किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष रजत सोनी ने बताया कि पंडाल को कैलाश पर्वत स्वरूप में बनाया गया है। इसके अंदर ही मां का दर्शन भक्तों को होगा। करीब 43 साल से इस स्थल पर मां की प्रतिमाएं स्थापित होती है।
चौक चांदनी चौकियांमोड़ यमुनोत्री धाम का होगा एहसास
चौकियामोड़। श्री दुर्गा पूजा समिति चौक चांदनी चौकियांमोड़ का पंडाल इस बार यमुनोत्री धाम की तर्ज पर तैयार किया गया है। कारीगर चौकियां गांव निवासी विजय चौरसिया ने बताया कि पंडाल निर्माण में करीब लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कारीगर वार्ड नंबर आठ निवासी ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि पंडाल को डायनासोर के आकार में तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डायनासोरनुमा पंडाल के निर्माण में करीब दो से ढाई लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नरहीं में बाबा अमरनाथ गुफा में स्थापित होगी मां आदि भवानी
नरहीं। नव दुर्गा बाजार सेवा समिति नरहीं द्वारा संचालित दुर्गा पूजन समारोह 40 साल से हो रहा है। बाबा अमरनाथ गुफा के तर्ज पर तैयार हो रहे पंडाल की लागत करीब चार लाख पहुंची है। विजयदशमी के दिन यहां पर मेला लगता है एवं रात में रावण दहन किया जाता है। मूर्तिकार जगत जी द्वारा शुरू से लेकर अब तक दुर्गा प्रतिमा बनाने की परंपरा भी 40 साल से चली आ रही है।
बघेजी में केदारनाथ मंदिर के तर्ज पर तैयार हुआ पंडाल
सागरपाली। बघेजी गांव में केदारनाथ मंदिर के तर्ज पर पंडाल को तैयार किया गया है। इसमें मातारानी विधि विधान से पूजन-अर्चन के बाद विराजमान होगी। भक्तों को आने पर उन्हें केदारनाथ मंदिर का दर्शन होगा।