दोहरीघाट में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद मुक्तिधाम की सीिढ़यों पर चढ़ा घाघरा नदी का पानी। अमर उजाला
घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी होने से तटवर्ती बाशिंदों के होश उड़ गए हैं। जलवृद्धि से बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है। वहीं कुछ क्षेत्र में कटान हो रही है। चैनपुर गुलौरा, सहियां आदि क्षेत्र में कृषियोग्य भूमि का नदी में कटाव जारी था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शुक्रवार को अपराह्न जलस्तर 63.110 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.010 से 0.990 मीटर कम है।
लालनिशान से महज एक मीटर से भी कम जलस्तर हो जाने से तटवर्तीय दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहम गए हैं। केंद्रीय जल आयोग का कहना है कि प्रात: आठ बजे से चार सेमी प्रति घंटे की दर से वृद्धि शुरू हो गई। लेकिन अपराह्न दो बजे के बाद जलवृद्धि धीमी हो गई और एक सेमी प्रतिघंटे की दर से वृद्धि हो रही है। जलवृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही चैनपुर गुलौरा, मठिया, सहिया ग्राम में कटान हो रही है।
सहिया ग्राम के यादव बस्ती और ऐतिहासिक रामलीला मंच पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कटान के रोकथाम के लिए बाढ़ विभाग द्वारा अस्थायी रूप से अनियमित तरीके से बालू की बोरियां रख खानापूर्ति की जा रही है। जिसको लेकर कटान पीड़ितों में आक्रोश की स्थिति है। एसडीएम राधेश्याम पाठक ने तटवर्तीय क्षेत्र का दौरा करने के बाद बताया कि तटवर्तीय क्षेत्र में बाढ़ चौकियां स्थापित कर कर्मचारी की तैनाती कर दी गई है। नदी की प्रकृति पर प्रशासन की पैनी नजर है। नरहींः टोंस व मगई नदी में बड़े पैमाने पर आए जलकुंभी लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी है।