बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।
उन्होंने जिले के सभी स्कूलों को 10 दिनों के भीतर अपनी बसों का फिटनेस परीक्षण कराने का अल्टीमेटम दिया है और साफ कहा है कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के कोई भी स्कूल बस सड़क पर नहीं चलेगी। यदि समयसीमा के बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित विद्यालयों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि स्कूल बसों के पंजीकरण, बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र और चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच की जाएगी। जिलाधिकारी ने एआरटीओ को शत-प्रतिशत फिटनेस टेस्ट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अब सभी स्कूल बस चालकों का पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) होने के साथ-साथ साल में एक बार उनका अनिवार्य स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा। डीएम ने सभी संबंधित विभागों को इस पूरी कार्रवाई को 10 दिनों के भीतर पूरा कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। संवाद