इंदरपुर। ग्राम पंचायतों में घर-घर कूडा संग्रहण का उत्तरदायित्व गांवों में तैनात सफाईकर्मियों को दिया जाएगा। जहां सफाईकर्मियों की तैनाती नहीं है, वहां ग्राम पंचायत में कार्यरत स्वयं सहायता समूह अथवा आवश्यकतानुसार श्रमिक तैनात कर इस कार्य को किया जाएगा। पर्याप्त जागरूकता फैलाकर प्रत्येक घर, दुकान से कूडा संग्रहण शुल्क लिया जाएगा। शुल्क के सापेक्ष उन्हें निर्धारित रसीद उपलब्ध कराई जाएगी।
इस आशय का निर्देश जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने सभी ग्राम प्रधानों व सचिवों को पत्र जारी कर दिया है। पत्र में कहा कि 2023 के लिए चयनित 36 ग्राम पंचायतों के लिए राज्य स्तर से की जा रही समीक्षा एवं भ्रमण के दौरान जानकारी मिली है कि ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सृजित परिसम्पत्तियों के समुचित संचालन, रखरखाव तथा अभिलेखीकरण में एकरूपता नहीं है।
पत्र में निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायतों के प्रत्येक घर दुकान, सार्वजनिक कचरा पात्रों बाजार आदि से नियमित कचरे का एकत्रीकरण वाहन, ई रिक्शा के माध्यम से किया जाएगा। ग्राम पंचायत में कूडा संग्रहण में शिकायत अथवा मांग के लिए एक नंबर जारी किया जाएगा। जिस पर सामान्य जन फोन करके आकस्मिक, विशेष स्थिति की जानकारी दे सकें इसका एक रजिस्टर भी ग्राम पंचायत पर संरक्षित किया जाएगा।
निस्तारण की स्थिति भी इस रजिस्टर में अंकित की जाएगी। गांव में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। तथा क्या करें क्या न करें से संबंधित बिंदुओं की वालराइटिंग, वाल पेंटिंग की जाएगी। हेजार्डस, अपशिष्ट यथा डायपर, सेनेट्री पैड, मेडिकल वेस्ट जैसे पट्टी, सीरिंज, अनुपयोगी दवाओं आदि को अलग एकत्रित किया जाएगा। सहायक विकास अधिकारी पंचायत प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि सफाईकर्मियों को आदेशित कर दिया गया है। आमजन के शिकायतों के निस्तारण के लिए फोन नंबर जारी किया जाएगा।