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Ballia News: गंगा का पानी घरों तक पहुंचा, राहत अभी रास्ते में

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हल्दी क्षेत्र के बादिलपुर गांव ​स्थित बाढ़ के पानी से ​घिरा महावीर सिंह इंटर कालेज तथा उसमें रख
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बलिया। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से कोटवानारायणपुर से लेकर सिताबदियरा तक बाढ़ का पानी तबाही मचाने के लिए बढ़ रहा है। मंगलवार को गंगा के जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ाव जारी रहा। शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। नगर पालिका परिषद बलिया के वार्ड नंबर 11 के निहोरा नगर और गायत्री कॉलोनी समेत वजीरापुर व कंसपुर में 50 से अधिक मकानों में पानी प्रवेश कर गया है। इससे लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं।
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शहर के दक्षिणी हिस्से की सड़कों पर पानी चढ़ने के कारण नाव ही आने-जाने का सहारा बनी हुई है। निहोरा नगर व गायत्री कॉलोनी में करीब 25 परिवार छतों पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन की तरफ से राहत पहुंचाने की पहल की जा रही है, लेकिन अभी वह पर्याप्त नहीं है। महावीर घाट से गंगा तट तक जाने वाले मार्ग पर डेढ़ फीट तक बाढ़ का पानी जमा हो गया है। गायत्री मंदिर मार्ग भी डूब गया है।
मीडियम फ्लड लेवल पार कर 59.980 मीटर पर पहुंचा गंगा का जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के गायघाट गेज के अनुसार गंगा का जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़कर 59.980 मीटर पहुंच गया है और मीडियम फ्लड लेवल को पार कर चुका है। 2016 में दर्ज उच्चतम स्तर 60.390 मीटर बताया गया है। ऐसे में गंगा का जलस्तर उच्च स्तर की ओर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हैं।
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गांवों की तरफ बढ़ा गंगा का जलस्तर, कॉलेजों में घुसा पानी
दया छपरा। गंगा नदी के जलस्तर में दूसरी बार हो रही लगातार बढ़ोतरी से बाढ़ का पानी अब गांवों की गलियों और ग्रामीण बस्तियों की ओर तेजी से बढ़ने लगा है। ग्राम पंचायत गोपालपुर के कन्या विद्यालय दुबे छपरा और प्राथमिक पाठशाला गोपालपुर को जलमग्न करने के बाद अब स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुबे छपरा और पीएन इंटर कॉलेज दुबे छपरा के परिसर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। इससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। तेलिया नाला के रास्ते प्रसाद छपरा में पानी पहुंचने से करीब 50 एकड़ में खड़ी मक्का की फसल डूब गई है।
सरयू के जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती दहशत में
बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी है। लाल निशान से ऊपर बह रही नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार की शाम जलस्तर 64.04 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान से 0.03 मीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे में महज चार सेंटीमीटर जलस्तर में वृद्धि हुई है। बाढ़ का पानी खेतों में पहुंचने से किसानों को खड़ी फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नायब तहसीलदार बैरिया उदय राय ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित लेखपाल को प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राहत शिविर में शुरू हुआ उपचार
दुबे छपरा के हनुमान मंदिर पर बाढ़ विभाग की ओर से बनाए गए राहत शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपचार शुरू कर दिया है। सीएचओ मृत्युंजय वर्मा, ज्योति खरवार, अनुराधा और संजय यादव की देखरेख में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का इलाज किया जा रहा है।
पांच परिषदीय विद्यालयों में भरा पानी, पढ़ाई ठप
हल्दी। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से बेलहरी क्षेत्र के पांच परिषदीय विद्यालयों में पानी भरने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया है। माध्यमिक और परिषदीय विद्यालयों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। स्थिति को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार मिश्र ने इन विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को नजदीकी विद्यालयों से संबद्ध कर दिया है।
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक सितंबर को जारी आदेश के अनुसार प्राथमिक विद्यालय हृदयचक के शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालय भरसौता नई बस्ती, प्राथमिक विद्यालय पोखरा और प्राथमिक विद्यालय बाबूवेल के शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालय गायघाट से संबद्ध किया गया है। विकास खंड बेलहरी के बादिलपुर गांव स्थित महावीर सिंह इंटर कॉलेज के परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया।
गड़हांचल में तबाही मचाने लगी टोंस व मगई नदी
नरहीं। दूसरी बार गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से टोंस और मगई नदी का पानी गड़हांचल में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। बाढ़ का पानी इच्छा चौबे का पूरा और रैया खाड़ी गांव में घुस गया है। गंगा, मगई और टोंस नदी का पानी मैदानी इलाकों के खेतों में फैलने लगा है। वहीं पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। चितबड़ागांव।
टोंस नदी का पानी मंगलवार को किनारे बसे नगर के गांधी नगर, शास्त्री नगर, चितेश्वर नगर, जवाहर नगर, गोखले नगर और राजेंद्र नगर के निचले इलाकों में घरों तक पहुंचने लगा। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और संभावित बाढ़ को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल है।

शहर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का डीएम ने किया निरीक्षण, लेखपाल को चेतावनी नोटिस जारी
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को शहर के निचले इलाके के बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लेखपाल और कानूनगो से बाढ़ की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। लेखपाल और कानूनगो ने बताया कि नगर के वार्ड नंबर 24 में करीब 50 घरों में पानी पहुंच गया है, जबकि वार्ड नंबर 11 में कुछ ही घर प्रभावित हुए हैं। निर्देश दिया कि प्रत्येक वार्ड में सर्वे कर यह रिपोर्ट तैयार की जाए कि कितने मकानों में पानी पहुंचा है। लापरवाही पर यारपुर के लेखपाल को चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बाढ़ पीड़ितों का दर्द
रामपुर मिश्र पांडेय पुर निवासी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि बाढ़ से अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से संपर्क मार्ग बना हुआ है। कल तक रास्ता बंद हो जाएगा, तब परेशानियां बढ़ जाएंगी।
चिंतामणि राय के टोला निवासी मेटल अंसारी का कहना है कि घर के दरवाजे तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। फिर भी आने-जाने का रास्ता है। केवल 100 मीटर पानी में चलकर घर जाना पड़ता है।
प्रसाद छपरा निवासी राजन प्रसाद का कहना है कि खेत डूब जाने से थोड़ा आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है। अभी कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जैसे बाढ़ बढ़ रही है, उस हिसाब से कल शाम से रास्ता बंद हो जाएगा और परेशानी बढ़ जाएगी।
सुघर छपरा निवासी मुन्ना प्रसाद का कहना है कि उनके घर के चारों तरफ बाढ़ का पानी घेर लिया है। घर जाने वाला मुख्य मार्ग बंद हो गया है। गली-कूचों के जरिए किसी तरह घर पहुंच जा रहे हैं। कल से वह भी बंद हो जाएगा।
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