रामगढ़। गंगा का जलस्तर लाल निशान पार करते ही गंगापुर में 8.31 लाख रुपए के प्रोजेक्ट के तहत दो स्थानों पर हुए कटान रोधी कार्य की पोल खुलने लगी है। रविवार की सुबह ही सोनार टोला के समीप ईसी बैग द्वारा बनाया गया प्लेटफार्म करीब 5 फुट नीचे खिसक गया। इसके कारण लोहे की जाली में डाला गया बोल्डर भी नीचे खिसकना शुरू हो गया है। जैसे ही इसकी सूचना बाढ़ विभाग के अधिकारियों को मिली वह मौके पर पहुंचकर फ्लड फाइटिंग के तहत बालू से भरी बोरियों को डालने का काम शुरू कर दिया जो गंगा की लहरों को रोकने में सक्षम साबित नहीं हो रहा है। इसको लेकर सोनार टोला व बनिया टोला में अफरा-तफरी मची है।
बाढ़ विभाग द्वारा सोनार टोला के समीप 3.69 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट से कटान रोधी कार्य शुरू हुआ था लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही ठेकेदार काम छोड़ कर फरार हो गए। ठीक यही स्थिति गंगापुर डगरे के समीप हो रहे कार्य की भी स्थिति रही। जहां ठेकेदार द्वारा 4.71 करोड़ रुपए की लागत से कटान रोधी कार्य शुरू किया लेकिन वह भी अधूरा है। अब गंगा की लहरें उफान मारनी शुरू की है तो लोहे की जाली में डाला गया पत्थर नीचे खिसकना शुरू हो गया है। जिसके चलते गंगा के मुहाने पर बसे लोगों में तो डर है ही बंधे के उत्तर दिशा में भी बसे लोग भी सहमे हुए हैं। उनका कहना है कि ठेकेदारों द्वारा इन कार्यों में मानकों की धज्जियां उड़ाई गई जब शिकायत की गई तो ठेकेदार गंगा में पानी बढ़ने का बहाना बना कर काम बंद कर गायब हो गया। इस बाबत बाढ विभाग के अवर अभियंता जावेद अहमद ने बताया कि गंगा का पानी बढ़ने के चलते स्पर लांचिंग किया है फिर भी फ्लड फाइटिंग के तहत बालू की बोरियों को डाला जा रहा है खतरे की कोई बात नहीं है।