ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस सोमवार को गाजे-बाजे के साथ निकला। जुलृस में गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिली। हिंदुओं के साथ ही मुस्लिम युवा भी जोशो खरोश के साथ जुलूस में शामिल हुए और जयकारे लगाए। युवा कलाकारों ने अलग-अलग स्थानों पर हैरत अंगेज करतब दिखा कर सभी को रोमांचित कर दिया। इसके पूर्व भगवान हनुमान की विधि-विधान से वैदिक मंत्रों के साथ पूजन-अर्चन किया गया।
हनुमानगंज : जुलूस का मां ब्राह्मणी, दुर्गा मंदिर ब्रह्माइन से हनुमानगंज शंकरपुर संपर्क मार्ग होते हुए बलिया-सिकंदरपुर मार्ग स्थित दक्षिण पोखरा, संकट मोचन मंदिर हनुमानगंज पर जुलूस का मिलान कराया गया। पूजा-अर्चना कर गांधी आश्रम से पुन: वापस होते हुए ब्लाक मुख्यालय के रास्ते बसंतपुर मोड़ पर पहुंचा। दुर्गा मंदिर गेट पर युवा कलाकारों ने शस्त्रों को प्रदर्शन किया। जुलूस में श्रीराम जानकी, लक्ष्मी भगवान, शिव मां पार्वती, गणेश जी, भगवान विश्वकर्मा की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
चितबड़ागांव : महावीरी झंडा जुलूस गाजे बाजे और झांकियों के साथ निकाला गया। जिसमे मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हुए। जुलूस का नेतृत्व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी ने किया। जुलूस शहीद स्मारक गुदरी बाजार डाकघर रेलवे स्टेशन बरैया पोखरा होते हुए देर शाम महावीर अखाड़े पर समाप्त हुआ।
सहतवार : महावीरी झंडा जुलुस हाथी घोड़े, बैंड बाजे के साथ जय बजरंगबली सेवा समिति सहतवार द्वारा बड़े पोखरे पर स्थित महवीर मन्दिर से ऩगरपंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नीरजसिह गुड्डू के नेतृत्व में निकाला गया। वहीं बजरंगदल डुमरिया महावीरी झंडे का नेतृत्व सूर्यकान्त पांडेय व दीपक यादव कर रहे थे।
रसड़ा : नगर में महावीरी झंडा जुलूस सोमवार को बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोलाष के साथ हाथी घोड़े गाजे बाजे के साथ निकाला गया। जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीनाथ बाबा के मठ पर समाप्त हुआ। जुलुस का नेतृत्व महंथ कौशलेन्द्र गिरी, महात्मा दिनेश सिंह कर रहे थे।