आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी महासंघ के जिला संरक्षक देवेंद्र नाथ यादव की गिरफ्तारी के विरोध में संगठन के लोगों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। समर्थन में राज्य कर्मचारी संघ भी उतरा। संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का नेतृत्व करते हुए डीपीओ के खिलाफ मोर्चा खोला। विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के घेराव के साथ ही सांकेतिक गिरफ्तारी भी दी।
धरने को संबोधित करते हुए अजय कुमार यादव ने कहा हाट कुक्ड योजना सहित विभिन्न भ्रष्टाचारों को उजागर करने वाले जिला संरक्षक पर जानबूझकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया और गिरफ्तार करवाया गया। ताकि डीपीओ कार्यालय के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश न हो सके। कहा कि डीपीओ कार्यालय भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा हुआ है।
इसीलिए फर्जी मुकदमा कराकर संगठन को भयभीत करने की कोशिश किया जा रहा है। महासंघ कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगा। इसी क्रम में महामंत्री सुशील कुमार त्रिपाठी ने कहा कि महासंघ आंगनबाड़ी की लड़ाई को अपने हाथों में ले चुका है और यह संघर्ष आरपार का होगा। इसका अंजाम डीपीओ के लिए बुरा होगा।
धरना स्थल पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी खेमपाल सिंह ने कर्मचारियों की औपचारिक गिरफ्तारी और रिहाई की घोषणा की। आश्वासन दिया कि नौ जुलाई को डीपीओ का बुलाकर महासंघ की मांगों पर वार्ता की जाएगी। इसके बाद महासंघ ने 14 जुलाई तक के लिए धरना स्थगित कर दिया। इस मौके पर संत सिंह, संतोष तिवारी, रेनू शर्मा, मनभरन, जयप्रकाश वर्मा, वीरेंद्र मिश्र, विष्णुदेव सिंह, उर्मिला यादव आदि मौजूद रहे।