स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लालबहादुर यादव के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करते जिलाधिकारी श्री?
- फोटो : BALLIA
बांसडीह रोड। क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लाल बहादुर यादव का 101 वर्ष की अवस्था में बुधवार रात निधन हो गया। इसकी सूचना मिलते ही शोक छा गया। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही गणमान्य लोगों ने बृहस्पतिवार को छितौनी पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित की। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही और पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने सेनानी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित श्रद्धांजलि दी।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर बांसडीह एसडीएम दुष्यंत कुमार, तहसीलदार गुलाब चंद्रा, सीओ दीप चन्द, थाना प्रभारी अशोक कुमार आदि रहे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लाल बहादुर यादव की अंत्येष्टि शिवरामपुर गंगा घाट पर की गई। मुखाग्नि सेनानी के पौत्र भरत यादव ने दी।
बता दें कि सेनानी लाल बहादुर यादव पुत्र शिवनाथ का जन्म 1920 में छितौनी गांव में हुआ था। 1920 में थाना सहतवार था। 1942 मे सहतवार मिडिल स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने वाले लाल बहादुर यादव विद्यार्थी जीवन से ही आजादी की लड़ाई में कूद गए थे। 1942 के आंदोलन में सहतवार थाने को जलाया गया था जिसमें वे शामिल थे। ये बात अंग्रेज पुलिस को पता चली कि थाना फूंकने में लाल बहादुर यादव भी थे तो पुलिस उनको छितौनी स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर थाने ले गई और फिर बलिया कोतवाली भेज दिया। कोतवाली में उनकी मुलाकात सेनानी महानंद मिश्र से हुई। थोड़े दिन बाद सेनानी लाल बहादुर को बरेली जेल में भेज दिया गया। जहां से उन्हें तीन साल बाद सजा पूर्ण होने पर छोड़ दिया गया।