उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों
ने गुरुवार को जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और सभा की।
इस
दौरान वेतन, भत्ता, भर्ती समेत 11 सूत्री मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट राम
सिंह को सौंपा। बताया कि मांगों के समर्थन में संगठन के आह्वान पर 17 और 18
दिसंबर को वे हड़ताल पर रहेंगे।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि छठवें वेतन
आयोग की संस्तुति के बाद प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें को वेतन
ग्रेड 5200-20200 तथा ग्रेड-पे 18 सितंबर 2010 से स्वीकृति किया गया है।
उसे एक जनवरी 2006 से दिया जाए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आउट सोर्सिंग
भर्ती समाप्त कर सीधी भर्ती की व्यवस्था की जाए। चतुर्थ श्रेणी
कर्मचारियाें की तीसरी एसीपी 26 वर्ष की सेवा पर ग्रेड-पे 2800 के स्थान पर
4200 रुपये स्वीकृति आदेश हो।
राजस्व परिषद द्वारा वर्ष 2011 की नियमावली
बनाई गई है। उसमें तृतीय श्रेणी के रिक्त पदाें पर चतुर्थ श्रेणी
कर्मचारियाें का प्रोन्नत कोटा शासन द्वारा निर्धारित है, जिसे लागू किया
जाय। उप्र कलेक्ट्रेट के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें को 60 किमी का यात्रा
भत्ता दिया जाय।
शासनादेश के अनुसार 31 दिसंबर 2010 तक कार्यरत दैनिक वेतन
भोगी एवं वर्कचार्ज कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश दिया जाय। साथ ही
इनका विनियमितीकरण करते हुए पिछली सेवाओं का लाभ दिया जाए, ताकि पेेंशन के
पात्र हो सकें।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें की भांति भत्ताें में समानता
प्रदान किया जाय, प्राप्त महंगाई भत्ता का 50 प्रतिशत वेतन संविलीन किया
जाय। नक्सल प्रभावित जनपदों में कार्यरत समस्त कर्मचारियाें की नक्सल भत्ता
मिले।
सिंचाई कार्यशाला में औद्योगिक प्रतिष्ठान के कर्मचारियाें को
राज्य कर्मचारियाें की भांति समस्त सुविधाएं प्रदान की जाय। उप्र प्रांतीय
रक्षा दल के जवानाें को होमगार्डस की भांति मानदेय प्रतिदिन दो सौ रुपये
मिले और ड्यृटी लगाई जाय।
शासनादेश 2010 के अनुसार सिंचाई, लोकनिर्माण, वन
विभाग के अलावा अन्य विभागों में 29 जून 1991 के पूर्व में कार्यरत दैनिक
वेतन भोगी कर्मचारियाें को नियमित किया जाय।
वक्ताआें ने कहा कि 17 और 18
दिसंबर को प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें द्वारा दो दिवसीय हड़ताल
किया जाएगा।