बलिया। स्कूल जाते समय नाबालिग छात्रा से छेड़खानी के मामले में अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथमकांत की अदालत ने सुनवाई की। इसमें आरोपी को दोषी पाया। उसे चार वर्ष के कठोर कारावास और सात हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
छात्रा ने आरोप लगाया था कि हल्दी थानाक्षेत्र का तारकेश्वर अप्रैल 2017 में उसका पीछा करता था। 12 मई 2017 को अपशब्द बोलते हुए जान से मारने की भी धमकी दी थी। पीड़िता की तहरीर पर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसकी सुनवाई चल रही थी। अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। अभियोजन की तरफ से तर्क दिया गया कि यह गंभीर प्रकृति का सामाजिक अपराध है। अभियुक्त को अधिक से अधिक दंड दिया जाना चाहिए। बचाव पक्ष की तरफ से तर्क दिया गया कि दोषी गरीब है और परिवार का एकमात्र सहारा है। तारकेश्वर को चार वर्ष को सजा सुनाई गई।