बैरिया क्षेत्र के करमानपुर गांव में सैनिटाइज करता सफाईकर्मी।
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बैरिया। शासन और प्रशासन के आदेश के बाद भी ग्राम पंचायतों में सैनिटाइजेशन का कार्य नहीं होने के मुद्दे पर अमर उजाला ने पिछले दिनों ग्राम प्रधानों से बातचीत की थी। इस दौरान ग्राम प्रधानों ने धनाभाव में सैनिटाइज कराने में असमर्थता जाहिर की थी। यह भी कहा था कि क्वारंटीन सेंटर पर खर्च हुए धन का भी भुगतान नहीं किया गया। इसको गंभीरता से लेते हुए ब्लाक प्रशासन ने शुक्रवार को चार गांवों को सैनिटाइज कराया।
मुखर हुए ग्राम प्रधानों की समस्याओं पर अमर उजाला ने 29 जुलाई के अंक में पेज तीन पर ‘ग्राम प्रधान बोले, नहीं मिला धन कैसे कराए गांवों को सैनिटाइज’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद ब्लॉक प्रशासन सक्रिय हुआ। समाचार को संज्ञान में लेते हुए बृहस्पतिवार को ही खंड विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह निरीक्षण करने ग्राम पंचायत दलपतपुर व करमानपुर पहुंच गए। ग्राम प्रधानों ने बेबाकी से खंड विकास अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखा और कहा क्वारन्टीन सेन्टर पर प्रवासियों के रहने व खाने की व्यवस्था की गई थी लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ। अब गांवों में सैनिटाइज कराना है। अगर ग्राम निधि का सारा धन सैनिटाइजेशन में खर्च कर दिया जाएगा तो गांव में विकास का काम कैसे होगा। हालांकि खंड विकास अधिकारी के निर्देश पर करमानपुर, दलपतपुर, कोटवां, श्रीनगर गांव में सैनिटाजेशन कार्य कराया गया।
शासन के निर्देश पर ग्राम निधि खाते से ग्राम पंचायतों में फॉगिंग मशीन, किट, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर खरीद लिया गया है लेकिन कई ग्राम पंचायतों में न तो मशीन खरीदा गया और सैनिटाजेशन ही कराया गया। प्रधानों का यह भी कहना था कि लॉकडाउन के दौरान क्वारंटीन सेंटरों पर किए गए खर्च का भुगतान नहीं हुआ तो सैनिटाजेशन कार्य कैसे कराएं।