बलिया। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2014-15 से 2022-23 में हुईं वित्तीय गड़बड़ी के मामले में जिले के चार विद्यालय ईडी के रडार पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के लिए आवश्यक डाटा तलब किया है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह ने चारों विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर संबंधित डाटा समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया हैं। ज्ञांती देवी इंटर कॉलेज- गायघाट, अंजनी कान्वेंट इंटर कॉलेज- गोठाई, रामअवतार इंटर कॉलेज- टंगुनिया और इंटर कॉलेज -हरिपुर जिगनी के प्रबंधक और प्रधानचार्य को बीते 24 जून को लिखे पत्र में डीआईओएस ने उल्लेख किया है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत वर्ष 2014-15 से 2022-23 तक की जांच प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही है।
इस संबंध में आवश्यक प्रपत्र उपलब्ध कराने के लिए बलिया के समाज कल्याण अधिकारी द्वारा बीते 19 जून को पत्र लिखा गया था। जिसमें विभाग में संचालित अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग दशमोत्तर छात्रवृत्ति / शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत 2014-15 से 2022-23 तक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से लाभान्वित छात्रों का विवरण निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। डीआईओएस ने निर्देश दिया है कि आवश्यक सूचना दो कार्य दिवस के अन्दर जिला समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराएं।
विभागीय सूत्रों की मानें तो शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति में वित्तीय गड़बड़ी की जांच ईडी से करा रहा है। इस मामले में ईडी ने प्रदेश के करीब 225 विद्यालयों को चिह्नित किया है। इसमें जिले के चार विद्यालय भी शामिल है, जिनके प्रपत्रों की जांच होनी है।
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समाज कल्याण विभाग ने चार विद्यालयों से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से संबंधित पत्रावली मांगी है। ताकि उसे ईडी को सौंपा जा सके। इस संबंध में संबंधित स्कूलों को पत्र लिखा गया है।
-रमेश सिंह, डीआईओएस, बलिया।