गर्मी के मौसम में नगर सहित ग्रामीण इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को गर्मी के साथ ही मच्छरों की फौज का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस ओर से नगर पालिका परिषद आंखें मूंदे है। हैरत तो ये है कि प्रशासन इस ओर से आंखें मूंदकर लोगों को खुद ही ऐहतियात बरतने की नसीहत दे रहा है।
मच्छर मलेरिया से लेकर डेंगू तक खतरनाक बीमारियों को जन्म दे रहे है। ऐसे में अभी जहां नगर-गांव में मच्छरों की फौज की भरमार है पर विभाग कान में तेल डाले बैठा है। 33 लाख की आबादी में फील्ड में कार्य करने के लिए महज दो कर्मचारी रखे गए हैं। इसी से विभाग की गंभीरता का पता चल जाता है। फॉगिंग के लिए कहने को तो चार मशीनें हैं, लेकिन ये सालों से बंद पड़ी हुईं हैं। मच्छरों के रोकथाम के लिए विभाग मेलेथियॉन और डीडीसी का छिड़काव करता है। लेकिन हालत ये है कि नगर पालिका क्षेत्र में मेलेथियॉन की कमी के चलते छिड़काव नहीं हो पा रहा है।
लोगों की माने तो क्षेत्र में महीनों से दवा का छिड़काव किया ही नहीं गया है। हालांकि लोग बचाव के लोग अपने संसाधनों को प्रयोग तो कर रहे हैं लेकिन इससे हर जगह मच्छरों से बचाव नहीं हो सकता। ऐसे में विभाग की ये उपेक्षा लोगों को काफी परेशान कर रही है। लोगों की माने तो पिछले कई महीने से इलाके में फागिंग कराई ही नहीं गई।