आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला संयोजक अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मुरली मनोहर लाल को सौंपा। इसमें शिक्षा सुधार संबंधी उच्च न्यायालय के फैसले को लागू करने की मांग की ताकि अमीर व गरीब की खाई को समाप्त किया जा सके साथ ही परिषदीय विद्यालयों का दिशा और दिशा सुधर सके।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि उच्च न्यायालय का फैसला भारत के संविधान के भावनाओं, समाजवाद की स्थापना तथा विकसित समाज बनाने वाला है। उप्र शिक्षा में अमीरी व गरीबी की पहचान बन चुकी है। आम आदमी पार्टी इसे मिटाना चाहती है। इस मामले में याचिका दाखिल करने वाले शिक्षक शिवकुमार पाठक की सरकार द्वारा बर्खास्तगी के मामले में अधिकांश पार्टियां चुप हैं और उप्र सरकार के साथ है।
आलम यह है कि राजनीतिक पार्टियों को पारदर्शिता से दूर रखने में भाजपा अन्य पार्टियों के साथ मिलकर सूचना अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर रखने का शपथ पत्र उच्चतम न्यायालय में दिया है। आम आदमी पार्टी आमजन के साथ भाजपा के इस निर्णय का विरोध करती है। उल्लेख किया है कि पारदर्शिता लाने के लिए राजनीतिक पार्टियों को दायरे में लाना जरूरी है।
ज्ञापन देने वालों में अजीत स्वराज, विवेक सिंह, डा. प्रदीप, तेज नारायण, संजय बाबा, अरविंद सोहन, सुशांत राज, बमबम सिंह, अवधेंद्र मनन, ताहिर भाई, श्याम लाल यादव आदि मौजूद रहे।