श्रावण मास की पहली सोमवारी की पूर्व संध्या पर नगर के शिवालयों को झालर, फूल-मालाओं से सजाने-संवारने का कार्य देरशाम तक चलता रहा। बाबा बालेश्वरनाथ मंदिर को साफ-सफाई कर पहली सोमवारी के लिए पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। वहीं, बाबा बैजनाथ धाम के दरबार के लिए रवाना होने वाले श्रद्धालुओं का जत्था भोले अड़भंगी का दर्शन करने के बाद रवाना होता रहा। वहीं, मंदिर परिसर के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे की निगाह में दर्शनार्थियों को दर्शन करने की व्यवस्था बनाई गई है।
नगर के बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में पहली सोमवारी के भीड़ को देखते हुए रविवार सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी गई। पूरे दिन मंदिर परिसर को सजाने संवारने में बाबा के भक्त लगे रहे। मंदिर के चारों तरफ झालर एवं इलेक्ट्रिक लड़ियां लगाई है। वहीं, मंदिर प्रशासन बाबा के दर्शन में कोई चूक न हो इसके लिए तैयारी करने में जुटा रहा। मंदिर की लाइट और एसी ठीक करा दिए गए। नगर के अन्य शिवालयों को भी श्रद्धालुओं ने विद्युत झालरों से सजाया था।
चिलकहर संवाददाता के मुताबिक, कुकुरहां स्थित बाबा तिलेश्वरनाथ मंदिर पर भी सावन मास के पहले सोमवारी के मद्देनजर संवारने और सजाने का क्रम जारी रहा। मंदिर परिसर की साफ-सफाई करते हुए उसे गंगा जल से धुलवाया गया। वहीं, देर शाम तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का भी लगाने का कार्यक्रम चलता रहा।
इब्राहिमपट्टी संवाददाता के मुताबिक, सावन मास के पहले सोमवारी के मद्देनजर औघरेश्वर भोले के शिवमंदिर को संजाने-संवारने का क्रम जारी रहा। इसके अलावा, क्षेत्र के इब्राहिमपट्टी, किड़िहरापुर, कसेसर, सरया डीहू भगत, रामपुर उधरन, भीमपुरा, बरौली सहित कई गांव के शिवमंदिरों में साफ-सफाई का कार्य देरशाम तक चलता रहा। बाबा धाम के लिए रवाना होने वाले कांवरियों का जत्था भी शिव मंदिरों पर मत्था टेक यात्रा को सफल बनाने की मन्नतें मांगीं।