बलिया। बलिया बलिदान दिवस पर शनिवार को आयोजन समिति की ओर से जिला जेल से सेनानी संगठनों और राजनीतिक दलों के नेता नारा लगाते हुए बाहर निकले और जेल परिसर में स्थित शहीद राजकुमार बाघ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इसके बाद टीडी कॉलेज चौराहे पर रामदहीन ओझा, मुरली मनोहर एवं बाबा भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उसके बाद जुलूस शेरे बलिया चित्तू पांडेय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। ओकडेनगंज चौराहा स्थित सेनानी उमाशंकर एवं शहीद पार्क चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। टाउन हॉल में आयोजित सभा में अध्यक्षता करते हुए निर्मल उपाध्याय ने कहा कि वीर सपूत की कुर्बानियों का परिणाम रहा कि बलिया 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारे को हकीकत काे अमलीजामा पहना दिया और शेरे बलिया चित्तू पांडेय प्रथम कलेक्टर के रूप में प्रस्थापित हुए। महानंद मिश्र पुलिस अधीक्षक बने थे।
कार्यक्रम में किशन कुमार पाण्डेय, ओमप्रकाश तिवारी, उषा सिंह, करुणानिधि तिवारी, लक्ष्मण यादव, राजनाथ पांडेय, जय शंकर राय बंटी, विजय शंकर पाण्डेय, जाकिर हुसैन, चिराग उपाध्याय, संतोष दीक्षित, नवीन पांडेय, हीरा राम, आशुतोष सिंह, शिवा जी, मयंक कुमार आदि उपस्थित रहे। संचालन जैनेंद्र कुमार पांडेय मिंटू ने किया।