बांसडीहरोड। बाढ़ से गंगा का पानी सुरहाताल में आने से मक्के की करीब 750 एकड़ फसल नष्ट हो गई है। सुरहा क्षेत्र के किनारे बसे तमाम गांवों के लिए दिक्कत हो चुकी है।
क्षेत्र के किसान अखिलेश सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र अप्राकृतिक बाढ़ से प्रभावित है। दूसरे जगह से बाढ़ का पानी यहां आ रहा है। मक्के एवं धान की खड़ी फसलें चौपट हो रही है। यहां का पानी निकलते 5 से 6 महीने लग जाते हैं। सुरहाताल में बाढ़ जैसे हालात होने से फुलवरिया, सहपुरवा, बभनौली, नारायणपुर, घघरौली, डुमरी, सराया, सोनपुरकला, श्रीपुर, सलेमपुर, वासुदेवपुरम, बसंतपुर सहित लगभग 50 गांव की उपजाऊ भूमि बाढ़ के पानी से डूब चुकी है। दो-तीन दिनों से पानी तेज गति से बढ़ रहा था।
रोज पानी की बढ़ोतरी हो रही है। सुरहा ताल में बाढ़ का पानी आता है और एक से दो महीने में चला जाता है लेकिन सुरहा के किनारे बसे गांवों में पानी निकलते लगभग 6 महीने बीत जाते हैं। अनिल सिंह ने बताया कि कटहल नाले पर बलिया शहर और अन्य कई स्थानों पर फाटक लग जाने एवं नाले पर अवैध अतिक्रमण के कारण अब यह प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। घनश्याम सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन जब तक कटहल नाला को सही तरीके से दुरूस्त नहीं करता, शहर या सुरहाताल इलाके में जलजमाव की स्थिति यही रहेगी।