मझौंवा क्षेत्र में बाढ़ के पानी से घिरा कराया जा रहा कटानरोधी कार्य।
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बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि का क्रम जारी रहने के बाद मंगलवार को सुबह जलस्तर स्थिर रहा। नदी की प्रकृति में स्थिरता से बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार को अपराह्न जलस्तर 64.130 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 मी. से 12 सेंटीमीटर अधिक होकर स्थिर हो गया। आयोग ने अगले 24 घंटे में स्थिरता के बाद जलस्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है।
नदी का जलस्तर स्थिर हो जाने और बाद में घटाव के रुख को देखते हुए तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। नदी का पानी कई गांवों के निकट पहुंच गया है। हाहानाला से हल्दीरामपुर तक कई किलोमीटर तटवर्ती क्षेत्रों में नदी का पानी फैल गया है। जलस्तर में स्थिरता से बाढ़ की आशंका को लेकर भय के साए में जी रहे बाशिंदों ने फिलहाल राहत की सांस ली है, लेकिन नदी के मिजाज में अप्रत्याशित परिवर्तन को लेकर लोग सशंकित हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से बढ़ी चिंता
मझौवा। क्षेत्र में बाढ़ व तटवर्ती इलाकों में हो रही कटान एक बड़ी समस्या है। हर साल करोड़ों खर्च के बावजूद न तो बाढ़ पर अंकुश लगा और न कटान ही रुकी। उधर, गंगा के जलस्तर में हो रहे बढ़ाव से तटवर्ती इलाकों की नींद उड़ी हुई है। कटान का दंश झेल चुके और कटान के कगार पर लटके ग्रामीणों का कहना है कि कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की नीयत और मंशा कभी भी पाक-साफ नहीं रही है। कटानरोधी कार्य के लिए जितना धन केवल दो दशकों में आया उससे आसपास पक्के घाट बन जाते तो समस्या जड़ से ही खत्म हो जाती।
गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी
केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार की दोपहर एक बजे 53.13 मीटर रिकॉर्ड किया गया। गंगा में प्रति घंटे दो सेमी का बढ़ाव जारी है।