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लाल निशान की ओर गंगा, दो बीघा जमीन धारा में विलीन

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रामगढ़ क्षेत्र के केहरपुर में कटान करती गंगा की लहरें। - फोटो : BALLIA
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रामगढ़। गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है जिसके चलते नदी ने कटान करना शुरू कर दिया है। बुधवार की सुबह कृषि योग्य जमीनों को काटने के साथ ही गंगा ने अपना रुख मुहाने पर बसे गांवों की ओर कर दिया है। कटान के चलते अवशेष बचे चौबे छपरा व केहरपुर के बीच करीब दो बीघा जमीन गंगा की लहरों में विलीन हो गई। इससे सुघर छपरा व उदई छपरा में अफरा-तफरी मच गई। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार बुधवार की दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 56.44 मीटर दर्ज किया गया। जबकि प्रति घंटा एक सेमी. का बढ़ाव बना हुआ है। खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ाव के कारण गंगा के मुहाने पर बसे गांव सुघर छपरा, दुबे छपरा, उदई छपरा, प्रसाद छपरा, सोनार टोला, बनिया टोला के लोग अब रतजगा करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ विभाग द्वारा जो भी कटान रोधी कार्य कराया गया है वह कभी भी गंगा की लहरों में बह सकता है। सबसे विकट स्थिति गंगापुर डगरा के समीप है जहां गंगा ने सीधे एनएच 31 पर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वहीं, सोनार टोला रामगढ़ के समीप लोहे की जाली में डाला गया बोल्डर करीब दो फुट नीचे बैठ गया जो कभी भी गंगा की लहरों में बह सकता है। बनिया टोला निवासी बाबूराम गुप्ता, दूधनाथ गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि बाढ़ विभाग द्वारा कार्यों में मानक की अनदेखी की गई और बीच में ही काम छोड़क ठेकेदार फरार हो गए। जिसके चलते समय रहते हुए भी बाढ़ निरोधक कार्य नहीं कराया गया। नतीजा यह है ठेकेदारों की लापरवाही के कारण बाढ़ विभाग को इन डेंजर प्वाइंट पर फ्लड फाइटिंग के तहत कार्य करना पड़ रहा है। आलम यह है कि सोनार टोला रामगढ़ के समीप लोहे की जाली में डाला गया पत्थर नीचे खिसकना शुरू हो गया है। इसके चलते सोनार टोला, बनिया टोला के लोग रतजगा करने लगे हैं। यही हालात गंगा नदी के उस पार बसे गांव नौरंगा भुआल छपरा का है। जहां नदी के उग्र रुख के कारण लोगों में भय व दहशत का माहौल बना हुआ है
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