बलिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल झा की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पांच अभियुक्तों को दोषी पाया। 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी पर अलग-अलग धाराओं में कुल 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
रेवती थाने में वर्ष 2020 दर्ज पति चंदन सिंह, ससुर रंग बहादुर सिंह, सास जयन्ती देवी, देवर गुड्डू सिंह, सोनू सिंह निवासी नरायनपुर नई बस्ती पर दहेज हत्या की प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया था। अभियोजन के अनुसार आरोपियों द्वारा वादी की पुत्री को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विवेचना पूरी की और आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने पांचों को दोषसिद्ध पाया। संवाद
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दहेज हत्या मामले में तीन दोषियों को 10 वर्ष का कारावास
बलिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया। तीनों को 10-10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। बांसडीहरोड थाने में अभियुक्त पति जयप्रकाश, ससुर रामआशीष, सास दुर्गावती देवी निवासी सराक नई बस्ती थाना बांसडीहरोड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अभियोजन के अनुसार, विवाहिता को दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के आधार पर अदालत ने तीनों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। संवाद
आर्म्स एक्ट में दोषियों को दो साल की हुई सजा
बलिया। आर्म्स एक्ट के मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई है। फेफना थाने में वर्ष 2020 में दर्ज प्राथमिकी मामले में अभियोजन के अनुसार आरोपी सनोज बनवासी निवासी मुजह पकड़ी के खिलाफ धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया। इसके बाद अदालत ने उसे दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।संवाद