नरही क्षेत्र के उजियार घाट सरया गंगा तट पर पहुंचा जिले का पहला जेटी।
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नरहीं। केंद्र सरकार की जल परिवहन योजना अब साकार होती दिख रही है। बुधवार को जिले में पहुंची पहली जीटी को उजियार घाट सरयां गंगा तट पर लगाया गया। इसका लोकार्पण शुक्रवार को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त करेंगे। इसके बाद जल परिवहन में आने जाने वाले मालवाहक जहाजों एवं क्रूज को जेटी पर रोका जा सकेगा। ऐसे में जलपरिवहन को लेकर जिले के लोगों में उत्सुकता है। भारतीय अन्तर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के जलमार्ग विकास परियोजना के तहत जिले में मालवाहक जहाजों व वातानुकूलित क्रूज को ठहरने के लिए चार जगह सामुदायिक जेटी लगाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसमें सबसे पहली जेटी बुधवार को सरयां में लगा दी गई। जबकि गोविन्दपुर भरौली में जल परिवहन की निगरानी के लिए आरआईएस स्टेशन तैयार हो चुका है। विभाग के पटना से आए अधिकारी 11 नवंबर को होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारी में जुट गए हैं। गंगा तट पर जमीन को समतल किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में चार जगह जेटी लगाने का प्रस्ताव है। इसमें मझौवां, कंसपुर, उजियार घाट सरयां एवं सरायकोटा गंगा तट शामिल है। लेकिन सरायकोटा में स्थापित होने वाले जेटी पर अभी संशय है। क्योंकि उजियार घाट से सरायकोटा की दूरी मात्र दो किलोमीटर है ऐसे में विभाग के अधिकारी वहां लगने वाले जेटी की उपयोगिता को लेकर मंथन में जुटे हैं। उधर, दशकों बाद एक बार जल परिवहन शुरू होने को लेकर क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह है। दशकों तक उजियार घाट से बक्सर तक स्टीमर सेवा चली और पीपा पुल भी रहा। इससे उजियार घाट में दिन-रात चहल पहल रहती थी और कई दुकानें भी संचालित होती थीं। लेकिन भरौली-बक्सर के बीच गंगा पुल बन जाने के बाद यहां विराना छाया रहता था और दुकानें भी विरान पड़ी थी। अब यहां रौनक लौटने की संभावना बन गई है। यहां देश विदेश के सैलानियों के उतरने से दुकानदारों में व्यापार को लेकर खुशी है। एसडीएम प्रशांत नायक ने बताया कि जलमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर गंगा घाट पर जेटी लगाने का कार्य किया गया। इसके लोकार्पण को लेकर तैयारी चल रही है। यह कार्य पटना के अधिकारियों की ओर से कराया जा रहा है।