बलिया शहर के गुदरी बाजार स्थित एक रूई व गद्दे की दुकान में रविवार को शार्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते ही आग तीन मंजिला भवन में फैल गई। तीसरी मंजिल पर रह रहे परिजनों में खलबली मच गई, आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए छत के सहारे सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग से करीब 20 लाख से ऊपर का सामान व घर का कीमती सामान जलकर राख हो गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद चार घंटा बाद आग पर काबू पाया। आग की घटना से आसपास के दुकानदारों में खलबली मची रही।
चौक गुदरी बाजार में सुभाष जायसवाल का तीन मंजिला मकान है। ग्राउंड फ्लोर पर रूई, गद्दे सहित अन्य सामान की होलसेल की दुकान व दूसरे तल पर गोदाम है। तीसरी मंजिल पर परिवार रहता है। नित्य के भांति सुभाष व उनका पुत्र रवि दुकानदारी में व्यस्त थे। उसी दौरान शार्ट सर्किट से दुकान के पिछले हिस्से में रखी रूई में आग लग गई। धीरे-धीरे आग पूरी तरह फैल गई। पीछे गली के दुकानदारों ने धुआं निकलने की जानकारी रवि को दी तो होश उड़ गए। वह दौड़कर दुकान के पिछले हिस्से में गए तो आग पूरी तरफ फैल गई थी। सीढ़ी से रखे सामानों के सहारे आग दूसरे मंजिल के गोदाम तक पहुंच गई।
आग से से सामान को बचाने के लिए रवि व कर्मचारी सामान दुकान से निकाल कर सड़क पर फेंकने लगे। यह देख वहां आसपास के दुकानदार भी सहयोग में लग गए। उन्होंने दुकान में रखी रजाई, गद्दे, खोल, खटिया सहित अन्य सामान को बाहर रखा। तीसरी मंजिल पर फंसे महिलाओं व दो बच्चों को पड़ोसियों ने छत के सहारे बाहर निकाला। सूचना पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़िया मौके पर पहुंची। जवान आग पर काबू करने में जुट गए। रूई में आग लगने के कारण बुझाने में काफी परेशानी हुई। दो-तीन घंटे क अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। दुकानदार रवि जायसवाल ने बताया की आग से कारण गोदाम में रखी 20 लाख से ऊपर की रजाई, गद्दे व अन्य सामान जलकर राख हो गए। सिर्फ आगे की दुकान का ही सामान बचा है।
दुकान में आग से बचाव के नहीं थे इंतजाम
रूई, गद्दे सहित अन्य सामान की दुकान व गोदाम होने के बावजूद दुकान में आग से बचाव के उपकरण नहीं थे। एक सिलेंडर तक नहीं था, आग लगने की जानकारी होने पर दुकानदार रवि अपने कर्मचारियों के साथ आग की परवाह किए बिना सामान निकाल कर दुकान के बाहर रखने लगा, इसमें उसके पिता सुभाष जायसवाल जख्मी हो गए। दुकान व गोदाम के ऊपरी मंजिल पर परिवार रहने के बावजूद आग से बचाव के इंतजाम नहीं था। फायर ब्रिगेड के जवानों को छत पर पानी की पाइप ले जाने में काफी परेशानी हुई।