इंदरपुर। चिलकहर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत हसनपुर उर्फ बछईपुर में गोवर्धन परियोजना के तहत बने बायोगैस संयंत्र में अनियमितता के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। लखनऊ की कार्यदायी संस्था पर सरकारी धन के दुरुपयोग और संयंत्र को संचालित न करने का आरोप है। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) चिलकहर सूर्य प्रकाश यादव की तहरीर पर थाना नगरा पुलिस ने आनन्द बायोटेक प्रलि, इन्दिरा नगर लखनऊ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। थानाध्यक्ष संजय मिश्र ने बताया कि एडीओ पंचायत चिलकहर द्वारा तहरीर में बताया गया कि ग्राम पंचायत हसनपुर उर्फ बछईपुर में 24 लाख रुपये की लागत से 45 घन मीटर क्षमता का बायोगैस संयंत्र बनवाया गया था। लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद भी एजेंसी द्वारा संयंत्र को समय से संचालित नहीं किया गया। जांच में लगभग 12 लाख रुपये की शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया।
जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव के पत्र दिनांक 30 अप्रैल 2026 के क्रम में सहायक विकास अधिकारी ने 17 जुलाई 2026 को थाना नगरा में तहरीर दी थी। पत्र में कहा गया था कि परियोजना के उद्देश्य बाधित हुए हैं और दोषी संस्था के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। थाना प्रभारी नगरा ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पत्र की प्रति जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी और उपनिदेशक पंचायत आजमगढ़ को भी भेजी गई है। फिलहाल पुलिस कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।