बलिया। शहर से सटे जीराबस्ती स्थित आकाश नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता कुसुम देवी की मौत व नवजात को परिजनों के नहीं सौंपने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है।
प्रसूता के पति की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालक व चिकित्सक डॉक्टर हेमंत सिंह व तीन अज्ञात कर्मचारियों पर गैर इरादतन हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। शुक्रवार को चिकित्सक को गिरफ्तार करने के बाद चालान कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद प्रसूता के शव को परिजनों को सौंप दिया। ओपीडी व आईपीडी के रजिस्ट्रेशन पर संचालक डॉक्टर ओटी व एसएनसीयू वार्ड का संचालन कर रहा था। जांच में कर्मचारी अप्रशिक्षित मिले, खुद मरीजों को बेहोश व ऑपरेशन करता था।
सुखपुरा थाना के सुल्तानपुर निवासी दीनबंधु राजभर ने दी तहरीर में आरोप लगाया कि पत्नी कुसुम राजभर (22) को प्रसव के लिए आशा कार्यकर्ता के माध्यम से आकाश नर्सिंग होम में भर्ती कराया। चिकित्सक हेमंत सिंह हालत गंभीर बताकर ऑपरेशन का दबाव बनाने लगे और तीस हजार रुपये जमा करवाए। ऑपरेशन के दौरान लापरवाही के कारण कुसुम राजभर की आकाश नर्सिंग होम में मौत हो गई। जबकि चिकित्सक ने सच छुपाते हुए प्रसूता की हालत गंभीर बताते हुए खुद की एंबुलेंस से वाराणसी भेज दिया। पुलिस ने तहरीर पर चिकित्सक व तीन अज्ञात कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
नवजात को नहीं सौंपने पर मामला गरमाया : आकाश नर्सिंग होम से कुसुम को वाराणसी भेजने के बाद उसके नवजात को चिकित्सक ने रुपयों के लिए परिजनों को नहीं सौंपा। कुसुम की मौत की खबर पर मायका वाले बच्ची को ले जाने पहुंचे तो चिकित्सक ने ऑपरेशन व दवा के बकाये का भुगतान करने के लिए कहा। परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने सड़क जाम करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने समझा बुझाकर मामला शांत किया।