पूर । पंदह एवं पूर रजबाहा में पानी नहीं छोड़ने से धान की नर्सरी किसान नहीं डाल पा रहे हैं। इलाके के किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो वे सामूहिक रूप से तहसील कार्यालय का घेराव कर धरने पर बैठेंगे। नहिलापार के किसान संतोष यादव ने कहा अब सहन नहीं होगा।
समय रहते नर्सरी नहीं डाली गई तो सीधा असर धान की मुख्य फसल पर पड़ेगा। जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। किसानों का कहना है कि अप्रैल और मई में मौसम पूरी तरह असामान्य रहा। कहीं अधिक गर्मी तो कहीं हल्की-फुल्की बूंदाबांदी ने खेतों की नमी को खत्म कर दिया है। जून की शुरुआत हो चुकी है और यह समय धान की नर्सरी डालने के लिए सबसे अहम माना जाता है, लेकिन नहर में अभी तक पानी नही आया।
एकइल निवासी किसान विजेंद्र सिंह ने कहा कि हर साल यही हाल है। नहरों में समय पर पानी नहीं आता, जिससे हमें बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बार हालात और खराब हैं।उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की है।
पानी के बिना खेतों की तैयारी अधूरी : पुर, एकइल,टंडवा,पकड़ी, गढमलपुर, तराजपाली, हारदो पट्टी, गौरनिया, जगदरा सहित कई गांवों में किसान खेत तैयार करने की स्थिति में नहीं हैं। मोटर चलाने से भी सिंचाई संभव नहीं, क्योंकि भूमिगत जलस्तर नीचे चला गया है। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्हें विलंब से पानी मिला था, जिससे नर्सरी और रोपाई दोनों ही लेट हुईं, और फसल पर इसका सीधा असर पड़ा।