चार दिन शुरु हो रहे आषाढ़ महीने में धान की नर्सरी का काम तेज हो जाएगा। नर्सरी को बचाने के लिए विभिन्न विभागों की ओर से तैयारी तेज कर दी गई है। जिले में अलग-अलग इलाकों में अलग-नक्षत्रों में धान के बेहन डाले जाते हैं।
जिले में खासकर दो जोन हैँ जहां धान की खेती बडे़ पैमाने पर होती है। एक बांगर व दूसरा करईल है। बांगर के इलाकों में सरकारी नलकूपों के अलावा नहर की भी सुविधा है। वहीं करईल इलाकों में नहर की कोई सुविधा नहीं है और सरकारी नलकूप भी नहीं हैं। इसके चलते बांगर के इलाकों में रोहिणी नक्षत्र में ही धान नर्सरी डाले जाते हैं ।
जबकि करईल इलाकों के अधिकांश किसान आषाढ़ के आर्द्रा नक्षत्र मेें ही धान के बेहन डालते हैं। किसानों की मानें तो करईल मिट्टी में दरार होने के कारण निजी नलकूपों से सिंचाई कर धान नर्सरी डालने का काम संभव नहीं होता है। जबकि बांगर मिट्टी में दरार नहीं होने से किसान निजी नलकूपों से सिंचाई कर धान की नर्सरी लगाने का काम करते हैं और नहरों का संचालन शुुरु होते ही धान की रोपाई करते हैं।
किसानों का मानना है कि रोहिणी नक्षत्र के नर्सरी की रोपाई से खेती अगेती होती है और उपज भी अच्छा होता है। धान की नर्सरी को प्राण देने के लिए जहां कृषि विभाग की ओर से खाद-बीज आदि का भरपूर इंतजाम किया गया है वहीं, सिंचाई विभाग की ओर से नहरों का संचालन शुरु करा दिया गया है।
धान के प्रमाणित 270 व हाईब्रिड 125 कुंतल का हो चुका है वितरण
बलिया। खरीफ को लेकर जिले में कृषि विभाग की ओर से पूरी तैयारी की गई है। धान के कुल 400 कुंतल बीज प्राप्त हुए जो सभी ब्लाकों के बीज गोदामों पर उपलब्ध है। अब तक 270 कुंतल बीज का वितरण जा चुका है। इसमें नरेन्द्र 3112, डीपीआर 44, नरेन्द्र 2064, सहभागी तथा स्वर्ण सब वन के बीज हैं। इसके अलावा कृषि विभाग की ओर से 1261 कुंतल हाईब्रिड धान का बीज जिले में मंगाया गई है और अब तक 125 कुंतल बीज का वितरण किया जा चुका है।
लक्ष्य से अधिक उपलब्ध है डीएपी व पोटाश
बलिया। खरीफ के लिए जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो खरीफ के लिए निर्धारित लक्ष्य 3913 मी.टन के सापेक्ष 8629 मी. टन डीएपी उपलब्ध है। यूरिया निर्धारित लक्ष्य 21 हजार 493 मी. टन के सापेक्ष 9633 मी. टन व पोटाश के लक्ष्य 590 मी. टन के सापेक्ष 957 मी. टन उपलब्ध है।
इसके अलावा 671 मी. टन एनपीके भी उपलब्ध है। शासन की ओर जिंक के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है लेकिन प्राइवेट सेक्टर की ओर से सभी बीज गोदामों पर जिंक उपलब्ध कराया गया है और इसकी खरीद पर किसानों को अनुदान भी दिया जाएगा।
मुख्य नहर में पानी का संचालन शुरु, 15 से चलेंगी सभी नहरें
बलिया। जनपद में सिंचाई के लिए कुल 274.936 किलोमीटर लम्बी नहरें हैं और इसमें रजवाहा व माइनरें भी शामिल हैं। सिंचाई विभाग के एक्सईएन सीबी पटेल ने बताया कि सिंचाई के लिए नौ जून से मुख्य नहर में पानी का संचालन शुुरु कर दिया गया है।
बताया कि फिलहाल 175 क्यूसेक पानी चल रहा है और धीरे-धीरे इसे बढ़ाया जा रहा है ताकि नहरें क्षतिग्रस्त होने से बची रहें। एक्सईएन ने बताया कि 15 जून से सभी नहरों, रजवाहा व माइनरों में पानी का संचालन शुरु हो जाएगा और किसानों को सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
जिले में खरीफ की खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद तथा बीज उपलब्ध है। किसानों की सुविधा के लिए सभी ब्लाकों के बीज गोदामों पर बीज का वितरण भी शुरु है।
- जेपी यादव, जिला कृषि अधिकारी, बलिया