नहरों में पानी नहीं, किसान परेशान
मौसम की बेरुखी से सीयर ब्लॉक के सभी गांवों में किसान धान की रोपाई करने के लिए परेशान हैं। दोहरीघाट तुर्तीपार सहायक नहर परियोजना की नहरों में पानी नहीं है। समाजसेवी विनोद मानव ने बताया कि सूखा एक प्राकृतिक आपदा है, परंतु इससे निपटने के संसाधन भी वर्षों से उपेक्षित हैं।
नहरें दशकों से सिर्फ सफाई के नाम पर कागजों में साफ होती हैं, जबकि जमीन पर किसान पानी की एक बूंद को तरसते हैं। किसान राजीव यादव, फूलबदन, अनिल, राजेश यादव, रामाश्रय आदि का कहना है कि नहर की सफाई पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं, फिर भी नहरें सूखी हैं। चखसेखानी, रामगढ़, भिटौरा, भुवारी, जिउतपुरा, गंगऊपुर, भदहर, खडेजी जैसे गांवों में धान की बहुत कम रोपाई हुई है।