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Ballia News: बिजली की आंख-मिचौली से नहरों के साथ ही सूख रहीं किसानों की उम्मीदें

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सुखपुरा ​स्थित नहर में लगा बारिश का पानी।संवाद
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बलिया। धान की बुआई करने वाले किसानों को नहरों में पानी का इंतजार है। इधर मानसून ने भी दगा दिया है। इसी बीच नहरों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके पीछे सिंचाई विभाग बिजली आपूर्ति में कमी को कारण बता रहा है। बिजली आपूर्ति सुचारू न होने से पंप कैनाल नहीं चल पा रहे हैं, जिसके कारण नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। कटौती का आलम यह है कि दोहरीघाट-तुर्तीपार पंप कैनाल को 17 घंटे तक बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। सिंचाई विभाग के अनुसार, पंप कुछ समय के लिए चलते भी हैं तो बिजली कटौती के कारण नहरों में पानी नहीं पहुंच पाता। इधर किसान भी नहरों में पानी की मांग को लेकर सिंचाई विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सिंचाई विभाग ने बिजली आपूर्ति की स्थिति से शासन को भी अवगत करा दिया है।
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दोहरीघाट-तुर्तीपार पंप कैनाल की रसड़ा में स्वतंत्र फीडर होने के बावजूद लगातार लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। इसके कारण पंप पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। विद्युत कटौती और लो-वोल्टेज से नहीं चल पा रहे सभी पंप: खरीफ सीजन में अब तक बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी के कारण दोहरीघाट-तुर्तीपार पंप कैनाल के सभी नौ पंप एक साथ नहीं चल पा रहे हैं।
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कभी सात तो कभी आठ पंप ही संचालित हो रहे हैं। कई बार 24 घंटे की बिजली आपूर्ति के दौरान भी 12 घंटे तक लो-वोल्टेज की स्थिति बनी रहती है। रजबाहों में पानी नहीं पहुंचने से किसान परेशान: पूर। धान की रोपाई के बीच क्षेत्र के किसानों के सामने सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। धान की रोपाई के बाद फसल को सिंचाई की आवश्यकता है, जबकि कई स्थानों पर अभी रोपाई हो रही है। क्षेत्रीय किसान बृजेश सिंह, जवाहर सिंह, रामप्रवेश राम ने बताया कि रजबाहे में पर्याप्त पानी नहीं आने से खेती प्रभावित हो रही है।
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