माले नेता बसंत कुमार सिह उर्फ मुनी सिंह को गिरफ्तार कर थाने ले जाती मनियर पुलिस। संवाद
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बलिया। केंद्र सरकार के पुतला दहन कार्यक्रम के एक दिन पूर्व शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल नेताओं के साथ ही अन्य किसान नेताओं को पुलिस उनके घरों पर उन्हें नजरबंद कर दिया। वहीं, शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बाबा साहब अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष धरना दे रहे माले नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर शाम को मुचलके पर छोड़ दिया। सुखपुरा पुलिस ने क्षेत्र के तीन किसान नेताओं अखिल भारतीय किसान सभा के जिला मंत्री एवं बोड़िया निवासी यमुना प्रसाद वर्मा, किसान मजदूर शोषित गरीब असहाय संगठन के जिला अध्यक्ष शिवबहादुर यादव और संगठन मंत्री रामनाथ यादव निवासी अपायल को बृहस्पतिवार से ही उनके घरों में नजरबंद कर रखा है। वह शनिवार को भी नजरबंद रहे। नजरबंदी को लेकर किसान नेताओं ने कहा कि सरकार चाहे कुछ भी कर ले किसानों की आवाज को दबा नहीं पाएगी। इस दौरान विप्लव सिंह, पारसनाथ सिंह, विक्रमा राम, शिवजी राम, अख्तर अली, दीनानाथ सिंह, सुरेश राजभर, गुलाम राजभर, राजू सिंह, फूल मोहम्मद आदि शामिल हैं। रेवती में किसान नेता लक्ष्मण पांडेय को उनके गांव नैना में और सीपीआई नेता ओम प्रकाश कुंवर को उनके गांव त्रिकालपुर में हाउस अरेस्ट कर लिया। दूसरे दिन शनिवार को भी पुलिस द्वारा हाऊस अरेस्ट रखा गया। इसके बावजूद भी कुछ कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सिंगही तथा महाराजपुर में पीएम और सीएम का पुतला दहन किया था। लक्ष्मण पाण्डेय ने बताया कि मुन्नू कुंवर तथा मुझे लेकर पांच लोगों के घर पुलिस ने पहुंच कर उनके बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। सात सूत्री मांग पत्रक प्रभारी निरीक्षक सहतवार वीरेन्द्र कुमार यादव दिया गया। खेजुरी पुलिस ने किसान नेता नियाज अहमद को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। रसड़ा कोतवाली पुलिस ने दो दिन पूर्व रसड़ा के कंसो-पटना में होम आरेस्ट किए गए किसान नेता राघवेंद्र कुमार को शनिवार को दोपहर में कोतवाली लाकर रिहा कर दिया। उधर, संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं की हुई गिरफ्तारी की रिहाई की मांग को लेकर शनिवार को माले नेताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बाबा साहब अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। कोतवाली पुलिस लक्ष्मण यादव, मो युसूफ, राजेश गोंड व रमेश बिंद को गिरफ्तार कर कोवताली ले गई। शाम को मुचलके पर सभी को छोड़ दिया।