कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कार्यरत पार्टटाइम शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी से मिला। पार्टटाइम शिक्षकों ने मानदेय बढ़ाने की जगह कटौती किए जाने का मामला मंत्री के सामने रखा। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की अनदेखी के चलते उनकी जिंदगी कष्टमय बन गई है।
पार्ट टाइम शिक्षकों ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में उनका मानदेय 30 फीसदी कम कर दिया गया है, जो वर्तमान समय में 7200 से घटकर पांच हजार हो गया है। जबकि इन्हीं आवासीय विद्यालयों में कार्य करने वाले सभी वार्डेन फुल टाइम टीचर, लेखाकार, चपरासी, चौकीदार, मुख्य रसोईया, सहायक रसोईया आदि का वेतन दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। ये विद्यालय 2004 से शुरू किए गए।
तब शिक्षकों के वेतन में मात्र दो हजार का अंतर हुआ करता था। सभी शिक्षकों का काम दस से चार बजे तक है। गत दिनों शासन ने एक तुगलकी फरमान जारी करते हुए पार्ट टाइम शिक्षकों की कार्य अवधि तीन घंटे कर दिया। जबकि दस वर्षों से पार्टटाइम शिक्षकों द्वारा दस से चार बजे तक सेवा दिया गया।
कुल मिलाकर छह से सात घंटे ड्यूटी करने वाले पार्टटाइम शिक्षकों के सामने घोर आर्थिक और जीविकोपार्जन की समस्या उत्पन्न हो गई है। उर्दू पढ़ाने वाले शिक्षकों को 12 हजार रुपये दिया जाता है। जबकि हिंदी, अंग्रेजी, गणित विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों को मात्र पांच हजार दिया जाना कहा से न्यायोचित है। इस मौके पर रुद्र प्रकाश तिवारी, नीलांबुज सिंह, रेनू, सरोज, वंदना राय, सरिता गुप्ता, श्वेता यादव, पूनम शुक्ला, रीना त्रिशुलिया, बृजेश कुमार, योगेश सिंह, अनुपम चौहान, सर्वजीत वर्मा, भानू प्रताप सिंह, अवनींद्र सुधाकर, मनोज गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे। रामगोविंद चौधरी ने आश्वासन दिया कि जितना हो सकता है, वह जरूर करेंगे।