रसड़ा कस्बा स्थित आजाद चौराहा पर एमएलसी लाल बिहारी यादव एवम आशुतोष सिन्हा को माल्यार्पण कर स्वा?
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बलिया। हाल ही में संपन्न हुए स्नातक और शिक्षक एमएलसी के चुनाव ने यह साबित किया है कि बिना ईवीएम के बैलेट पेपर द्वारा निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकते हैं, क्योंकि इसमें भाजपा को गड़बड़ी करने का मौका नहीं मिलता है। एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के अलावा अन्य दिग्गजों के क्षेत्र में भी चुनाव हार गई है।
उक्त बातें स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा और शिक्षक एमएलसी डॉक्टर लाल बिहारी यादव ने संयुक्त रुप से कही। दोनों नवनिर्वाचित एमएलसी शनिवार को पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। एमएलसी द्वय ने कहा कि भाजपा के राज में देश और प्रदेश में किसानों पर अत्याचार हो रहा है। युवाओं से रोजगार छीना जा रहा है तथा देश को फायदे में पहुंचाने वाली कंपनियों को सरकार द्वारा कौड़ी के दामों पूंजीपतियों को बेच रही है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था रसातल में जा रही है। शिक्षक एमएलसी एमएलसी डॉक्टर लाल बिहारी यादव ने कहा कि शिक्षकों के हित के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों का आठ से दस माह का मानदेय भुगतान नहीं हुआ है, यह भुगतान जल्द से जल्द हो यह मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी। वित्तविहीन शिक्षकों की आवाज को वह सदन तक पहुंचाने का काम करेंगे। वित्तविहीन शिक्षकों के सम्मान की लड़ाई लड़ने के लिए वह हर वक्त तैयार रहेंगे। शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतनमान की लड़ाई भी प्राथमिकता है। शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाली के लिए भी संघर्ष किया जाएगा। प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि योगी सरकार को शिक्षकों को एक निश्चित मानदेय देने की व्यवस्था करनी चाहिए। इस दौरान सपा नेता सनातन पांडे, पूर्व मंत्री जियाउद्दीन रिजवी, अजीत मिश्रा, लक्ष्मण गुप्ता, जिलाध्यक्ष राज मंगल यादव आदि मौजूद रहे।