बैरिया। उत्तरी दियारांचल के गोपालनगर टाड़ी के पास शुक्रवार को एक बार फिर कटान तेज हो जाने के कारण बस्ती में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। तटवर्ती लोग अपने घरों को खाली कर बाढ़ केंद्र में शरण ले लिए हैं। वहीं, कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के घर या अन्यत्र सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
सरयू के जलस्तर में वृद्धि के कारण सैकड़ों एकड़ खेत में खड़ी खरीफ की फसल बाढ़ की पानी में डूब चुकी है। बृहस्पतिवार तक उपजाऊ खेत सरयू नदी में कटकर विलीन हो रहे थे। शुक्रवार की सुबह से गोपालनगर टाड़ी बस्ती के पास कटान शुरू हो गया है। बाढ़ खंड की ओर से फ्लड फाइटिंग से कराए गए कार्य का अधिकांश हिस्सा सरयू में विलीन हो गया। मौके पर बाढ़ खंड का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं है।
कटान की सूचना पर उपजिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र मौके पर पहुंचकर कटान और बाढ़ का जायजा लिया। लोगों को भरोसा दिया कि बाढ़ और कटान से हुए नुकसान का जायजा लेकर सभी लोगों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी। उपजिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ राहत केंद्र में शरण लेने वाले लोगों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई है।
उन्होंने कटान को खतरनाक बताते हुए लोगों को नदी से दूरी बनाए रखने को कहा। उपजिलाधिकारी के साथ मौके पर चौकी इंचार्ज के साथ क्षेत्रीय लेखपाल मौजूद थे। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, रोजगार सेवक और पुलिसकर्मियों को 24 घंटे बाद राहत केंद्र पर रहने का निर्देश दिया गया है।
लाखों की फसल तबाह
बैरिया। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बकुल्हा, टोला फतेह राय, चाँददीयर, गुमानी के ढेरा, शिवाल मठिया, गोपालनगर, मानगढ़, वशिष्ठ नगर, देवपुर मठिया के सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़ी खरीफ की फसल के साथ साथ परवल व अन्य सब्जियों की खेती बाढ़ के पानी में डूबकर नष्ट हो गई है। सरयू नदी में आई बाढ़ के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है लाखों रुपए मूल्य की खरीफ की फसल अब तक नष्ट हो चुकी।