बलिया की मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय के परिजनों ने सोमवार को लखनऊ मेंं डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी व प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी से मुलाकात कर न्याय की मांग की। आरोपितों को बचाने का आरोप जिला पुलिस पर लगाया। परिजनों ने कहा कि घटना के दो माह बाद भी पुलिस अभी तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। इस पर अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
परिजनों ने डीजीपी को पत्र देकर आरोप लगाया कि घटना के इतने दिन बाद भी पुलिस जांच के नाम पर टाल मटोल कर रही है। मुख्य आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं और जांच को प्रभावित कर रहे हैं। वह अंतरिम जमानत लेने का बार-बार प्रयास कर रहे हैं और पुलिस मूक दर्शक बनी हुई हैं।
भाई कौशलेश राय ने डीजीपी से बहन की मौत के मामले में शामिल आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई। कहा कि आज आपराधिक मानसिकता के लोगों के कारण ईमानदार अधिकारी कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
दरअसल, 6 जुलाई की रात नगर पंचायत मनियर की ईओ मणिमंजरी राय श्हर के आवास विकास स्थित अपने आवास में पंखे के हुक से लटकती मिली थीं। सदर कोतवाली पुलिस ने नगर पंचायत के अध्यक्ष भीम गुप्ता, कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश व लिपिक विनोद सिंह समेत अन्य पर मुकदमा कायम कराया था। परिजनों ने मणिमंजरी की हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया था।