बांसडीह। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तहसील सभागार में जनपद के चिकित्सकों के साथ बैठक की। 2.48 बजे स्थलीय निरीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में गए तो इमरजेंसी की व्यवस्था देख भड़क गए। पूछा कि स्ट्रेचर व व्हीलचेयर वाला मरीज इमरजेंसी वार्ड में कैसे आएगा, सीढ़ी तोड़कर रैंप बनाओ। यहां वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था कहां है? चारों तरफ खुला है, क्या ऐसा इमरजेंसी वार्ड होता है।
डिप्टी सीएम ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और सीएमओ को बुलाकर फटकार लगाई। कहा कि बजट की कमी नहीं है। पूरे जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था उच्च कोटि की होनी चाहिए। इसके बाद ओपीडी कक्ष में गए। एक कमरे के ऊपर पुरुष शौचालय लिखा था। उसमें दवाएं रखी देख भड़क गए। बगल में दवा भंडार था। लोगों ने कहा कि यहां पर एक्सरे मशीन नहीं है। साथ ही अन्य दुर्व्यवस्था के बारे में शिकायत की। इसपर उप मुख्यमंत्री ने सीएमओ व डीएम को बुलाकर कहा कि जब धन की कमी नहीं है तो व्यवस्था सुदृढ़ होनी चाहिए। सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर 15 दिन के अंदर बताएं।
आयुष चिकित्सक डॉ. विनोद सिंह ने डिप्टी सीएम से कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण और व्यवस्थाएं नहीं हो पा रही हैं। इसके बगल में जो परिसर खाली है वहां पर्याप्त जगह है। अगर उसको सीएचसी परिसर में ले लिया जाए तो बेहतर होगा। बताया कि मजबूरी में इमरजेंसी, ब्लॉक के रैन बसेरा में चलाई जा रही है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, बांसडीह विधायक केतकी सिंह, नागेंद्र पांडेय, मेयर वाराणसी अशोक तिवारी, जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, तहसीलदार निखिल शुक्ला आदि मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं और छात्रों ने सौंपा पत्रक : बांसडीह। अधिवक्ता संघ बांसडीह के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने उप मुख्यमंत्री को पत्रक सोंपा। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने व तहसील के अधिकारियों की ओर से प्रत्येक फाइल पर अवैध रूप से धन की मांग करने पर रोक लगाने की मांग की। पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू के नेतृत्व में छात्र उनसे मिले। पिछले दिनों सड़क हादसे में मृत और जख्मी छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। रोहित पांडेय कांड में परिजनों को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, मेडिकल कॉलेज की मांग पूरी करने की मांग की।