प्रदेश सरकार के ढुलमुल रवैए के खिलाफ जनपद के सैकड़ों रोजगार सेवकों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि पिछले नौ साल से ग्राम रोजगार सेवक प्रशासनिक सहायक के रूप में संविदा पर कार्यरत हैं। रोजगार सेवकों की मांग है कि उन्हें भी नियमित कर वेतन दिया जाए।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ लखनऊ के आह्वान पर जिले के विभिन्न ब्लाकों से आए रोजगार सेवकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में काली पट्टी बांधकर विशाल धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान रोजगार सेवकों ने कहा कि हमें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
कहा कि प्रदेश सरकार की ढुलमुल रवैये के चलते यह कार्य अब तक नहीं किया गया। जिलाध्यक्ष जमाल अख्तर ने कहा कि हम विगत नौ वर्षों से ग्राम रोजगार सेवक प्रशासनिक सहायक के रूप में संविदा पद पर कार्यरत है। मनरेगा योजना अंतर्गत चयनित रोजगार सेवकों के संबंध में भारत सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि इनके ऊपर राज्य सरकारों का पूर्णत शासकीय नियंत्रण होगा और राज्य कर्मचारी कहे जाएंगे।
राज्य सरकार अपने संशोधनों से पूर्णकालीक कर्मचारी बना सकती है। बावजूद इसके, प्रदेश में ग्राम रोजगार सेवकों से ग्राम पंचायत सचिव उच्चाधिकारियों के निर्देशन में वृद्धा, विकलांग, समाजवादी पेंशन का सत्यापन, बीएलओ का कार्य, स्वच्छ भारत अभियान, जनगणना आदि का कार्य समय-समय पर सौंपे गए।
जो इनके जाब चार्ट में नहीं है। फिर भी रोजगार सेवकों ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चुनाव 2012 में किए गए वायदे के मुताबिक कार्य किया लेकिन सरकार बनते ही रोजगार सेवकों को भुला दिया गया।
सोहांव ब्लाक के संरक्षक हेमंत राय ने कहा कि यह रोजगार सेवकों का खुला मजाक है। इन्हीं सब मांगों को लेकर 20 अगस्त को लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में विशाल धरना एवं महा रैली किया जाएगा। इस मौके पर सभा को संबोधित करने वालों में अविनाश उपाध्याय, राजेश पांडेय, राजा राम सिंह, चंद्रशेखर यादव, दिनेश कुमार यादव, श्रीविक्रम पांडेय, प्रतिमा पाल, सत्य प्रकाश, यशवंत, अभिषेक सहित सैकड़ों रोजगार सेवक मौजूद रहे।