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सभासद संग कर्मचारी नेताओं ने खोला ईओ और चेयरमैने के खिलाफ मोर्चा

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बलिया। नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार व लूट खसोट चरम पर हैँ। मनमाने तरीके से जहां संविदा कर्मियों का वेतन काटा जा रहा है, वहीं जैम पोर्टल और ई-टेंडरिंग में गड़बड़झाला कर चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी और अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा द्वारा सरकारी धन का गबन किया जा रहा है। इतना ही नहीं यदि कोई नपा कर्मी इनके कृत्यों का विरोध करता है तो उसे पटल परिवर्तन और सस्पेंशन की धमकी दी जा रही हैं। उक्त बातें नगर पालिका के सभासद विकास पांडेय लाला ने कहीं। वे बुधवार को नपा के सभाभवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे। आरोप लगाया कि नपा में लूट खसोट का क्रम करीब तीन सालों से चल रहा है।
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सभासद ने कहा कि 14वें वित्त का पैसा कर्मचारियों के वेतन के लिए आता है। जिससे संविदा कर्मचारियों के वेतन देने के बाद बचे हुए धन से नगर के वार्डों का विकास कराना होता है। लेकिन आर्यन कंपनी के नाम पर नगर पालिका के अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी मिलकर शहर के विकास धन लूट रहे हैं। आरोप लगाया कि स्वच्छता के लिए चुने गये वार्ड के सभासद को शासन की ओर से प्रशस्ति पत्र और 11 लाख रुपये दिए जाने थे, लेकिन अब तक नगर पालिका प्रशासन की ओर से कुछ भी नहीं दिया गया। इसे भी ईओ और चेयरमैन हजम करने के चक्कर में हैं। आर्यन ग्रुप का ठेका नहीं होने के बाद भी उसी से काम कराया जा रहा है। नगर पालिका के कर्मचारियों की ओर कर्मचारी संघ के महामंत्री भारत भूषण मिश्रा ने कहा कि आर्यन के नाम पर तीन सालों से नगर पालिका में आर्थिक भ्रष्टाचार और लूटपाट किया जा रहा है। कर्मचारियों ने नगर पालिका में किये जा रहे लूट-खसोट और भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की। कहा कि अगर नपा अध्यक्ष तथा ईओ के रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच कराई जाये तो करोड़ों घोटाला पकड़ में आ जायेगा।
ईओ पर लगाये आरोपों की उच्च स्तरीय जांच की मांग
बलिया। भाकपा माले के शहर प्रभारी नेता लक्ष्मण यादव ने आनलाइन प्रेस को जारी एक बयान में नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों द्वारा अधिशासी अधिकारी पर लगाये गये वित्तीय भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। कहा कि अगर जांच नहीं होने पर माले वामदलों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि ई-टेंडर के चलते लोग जान ही नहीं पाते की किस काम का कब ठेका हुआ, कब काम हुआ और कब भुगतान।
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