आसमान से बरसते अंगारे, चिलचिलाती धूप और तेज लू की वजह से लोग गर्मी में झुलसने को मजबूर हैं। पारे की उछाल ने लोगों को घर से में कैद कर रखा है। आलम यह है कि पूर्वाह्न आठ बजे से ही धूप तीखी होने की वजह से फुटपाथ दूकानदार बोरिया बिस्तर समेट ले रहे हैं।
ठेले और खोमचे वाले भी छायादार जगह पहुंचकर दिन गुजारने के लिए विवश हैं। ऐसे में सड़क और बाजार पर चहलपहल दूर है। घर की छत तवे की तरह दहक रहे हैं। ऐसे में बिजली गुल रहने से घर में रहने वाली महिला और बच्चों का जीना हराम हो जा रहा है।
शुक्रवार को तापमान 43 डिग्री से ऊपर था, जिससे सुबह से ही आसमान से अंगारे बरसने लगे। लोगों ने घर से निकलने से पहले ही गमछा और तौलिया सिर पर रख लिया। चिलचिलाती धूप के बाद भी अभी कई विद्यालय खुले हुए हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चे कड़ाके की धूप में टोपी तथा गमछा लेकर जा रहे हैं।
गर्मी और उमस की वजह से ज्यादातर छात्र बीमार होते जा रहे हैं। तेज धूप से पूरे दिन बाजार में सन्नाटा पसरा रहा है। शाम होने के बाद लोग किसी तरह घर से निकल पा रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक बाजार में कदम-कदम पर शीतल पेयजल की दूकानें लगी हुई हैं।
लोग आम का पन्ना, बेल का शरबत, सत्तू की लस्सी आदि पी रहे हैं। कोल्डड्रिंक की भी डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है। गर्मी के मौसम में पंखा और कूलर की दूकानों पर भी भीड़ बढ़ती जा रही है। इसकी खरीददारी करने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ गई है। उधर बाजार में निकलने वाली महिलाएं भी पूरे शरीर को ढकने के साथ ही धूप से बचने के लिए मुंह पर मास्क आदि लगा रही हैं।
शुक्रवार को तेज धूप की वजह से विभिन्न टैक्सी स्टैंडों पर पूर्वांह्न दस बजे के बाद एक-दो यात्री ही रह गए थे। रोडवेज पर भी यात्रियों की कमी देखी गई। सुबह और शाम रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग गर्मी के मौसम में काम करने से कतरा रहे हैं। मजदूर एक-एक कर बीमार पड़ते जा रहे हैं।